6. मसालों की ‘रानी’ हरी इलायची है बेहद गुणकारी, खूबियां ऐसी जो हैरान कर देंगी, कई बीमारियों में है फायदेमंद

भारतीय घरों में होता है खूब उपयोग – हरी इलायची का नाम सुनते ही उसकी खुशबू सी महसूस होने लगती है. खाने का स्वाद बढ़ाने वाली हरी इलायची गुणों के मामले में भी अव्वल है. हमारे यहां रसोई के अलावा सोशल, कल्चरल और धार्मिक कार्यों में भी इलायची का हजारों सालों से उपयोग हो रहा है. लगभग सभी भारतीय घरों में किसी न किसी रूप में हरी इलायची का इस्तेमाल किया जाता है.
मसालों की रानी कहलाती है – मसाला उद्योग के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुके और भारत की एग्मार्क लेब के फाउंडर जीवन सिंह प्रुथी ने अपनी पुस्तक ‘Spcices And Condiments’ में हरी इलायची को ‘मसालों की रानी’ बताया है. खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए तो इलायची का खास तौर पर प्रयोग किया जाता है. खीर से लेकर हलवे तक और अन्य मिठाइयों में इलायची उपयोग की जाती है.
सबसे महंगे मसालों में से है एक – छोटी सी दिखने वाली हरी इलायची की अगर कीमत की बात की जाए तो केसर और वेनिला के बाद हरी इलायची विश्व के सबसे महंगे मसालों में मानी जाती है. इसका उपयोग विवाह और अन्य कार्यक्रमों में आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए भी किया जाता है. हरी इलायची की उत्पत्ति दक्षिण भारत की मानी जाती है. कौटिल्य के ‘अर्थशास्त्रम्’ में हरी इलायची को ‘दक्षिण पश्चिम पहाड़ों में पेरियार नदी के तट पर पाया जाने वाला हरा मोती’कहा गया है.
दुनियाभर में तेजी से फैली – दक्षिण भारत में पैदा होने का बाद इलायची तेजी से दुनियाभर में फैल गई. प्राचीनकाल में शक्तिशाली रोमन लोग इलायची का उपयोग मिठाइयों और इलाज के लिए करते थे. ज्यादातर इलायची की पैदावार भारत, श्रीलंका और ग्वाटेमाला देश में की जाती है. जानकारों की मानें तो मिस्र् के पिरामिड काल में भी इलायची का उपयोग किया जाता रहा है. हरी इलायची भारत से निकलकर अरब के रास्ते रोमन और यूनानियों तक पहुंची थी.
औषधीय गुणों से है भरपूर – हरी इलायची सिर्फ स्वाद बढ़ाती हो ऐसा नहीं है, बल्कि इसमें ढेरों औषधीय गुण मौजूद हैं. आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसे पाचन बढ़ाने वाली, स्वादिष्ट माना है. इसके उपयोग से श्वास रोग, टी.बी., पथरी, खुजली और दिल संबंधी बीमारियों में फायदा मिलता है. हरी इलायची का उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने में किया जाता है. इलायची फेफड़ों में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करती है.
संक्रमण से करती है बचाव – हरी इलायची फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होती है और ये दांत और मसूड़ों के संक्रमण को दूर करती है. इसे खाने से गले की समस्याओं के साथ ही डाइजेशन की परेशानी से भी राहत मिलती है. पेट फूलना, अपच, पेट दर्द जैसी समस्याओं में भी हरी इलायची का सेवन फायदेमंद होता है. इलायची एक स्ट्रांग एंटीसेप्टिक है और मुंह की स्मैल को पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारती है.



