छत्तीसगढ़

2. डाक्‍टरों ने जिंदा नवजात को मरा बताया, अस्‍पताल में हंगामा, घरवालों ने की एफआइआर की मांग

रायपुर।    राजधानी रायपुर के एक निजी अस्पताल में डाक्‍टरों की लापरवाही का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल में महिला ने जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया था। कुछ समय बाद अस्पताल के डाक्टरों ने जुड़वा बच्चियों को मरा बताया, लेकिन थोड़ी देर बाद एक बच्‍ची की सांसें चल रही थीं। जिससे पता चला कि वो जिंदा है। बाद में अस्पताल में स्‍वजनों ने जमकर हंगामा किया।

दरअसल, यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार बैरनबाजार के सांई सुश्रुषा अस्‍पताल में समता कालोनी निवासी अंजनी सारस्वत ने अपनी पत्नी को प्रसव के लिए भर्ती किया था। मंगलवार तड़के 3 बजे प्रसव पीड़ा होने के बाद पत्‍नी को लेबर रूम में भर्ती किया गया। थोड़ी देर बाद पत्नी ने जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया।

डाक्‍टरों ने स्‍वजनों को बताया, प्रसव के दौरान एक बच्ची की मौत हो चुकी है और दूसरी बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। थोड़ी देर के बाद डाक्टर ने दूसरी बच्ची को भी मृत घोषित कर दिया। जुड़वां बच्चियों की मौत की खबर सुनकर अंजनी सारस्वत के रिश्‍तेदार भी अस्पताल पहुंच गए।

अस्‍पताल प्रबंधन ने स्‍वजनों से शव को लपेटने के लिए कफन लाने के लिए कहा। स्‍वजन शव को लपेटने कफन लेकर पहुंचे। इसके बाद बच्चियों को जैसे ही कफन में लपेटा जा रहा था, तभी स्‍वजन ने देखा एक बच्‍ची की सांसें चल रही थीं।

स्‍वजन ने इसकी जानकारी डाक्‍टरों को दी। लेकिन डाक्‍टरों ने इस पर ध्‍यान नहीं दिया। लेकिन स्‍वजनों ने जब दबाव बनाया तो जांच में पता चला कि बच्‍ची जिंदा है। इसके बाद अस्पताल में परिवार के लोगों ने जमकर हंगामा मचाया। अस्‍पताल में हंगामे की खबर मिलते ही कोतवाली थाना की पुलिस मौके पर पहुंच गई।

पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया। इधर, स्‍वजनों ने अस्‍पताल की डाक्‍टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एफआइआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं जीवित बच्‍ची को दूसरे अस्‍पताल में भर्ती किया।

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