छत्तीसगढ़

4. शरीर में खून की कमी दूर करते हैं मोटे अनाज, फायदे जानकर रह जाएंगे दंग

भारत में करीब 59 फीसदी महिलाओं में खून की कमी है। इस कारण उनकी सेहत बिगड़ रही है। पारंपरिक थाली पर ध्यान देकर इस कमी को दूर किया जा सकता है। बाजरा, ज्वार, मक्का, रागी, कुटकी, कोदो, कंगनी, सांवा आदि मोटे अनाज की श्रेणी में आते हैं। ये पोषक तत्त्वों से भरपूर हैं। अगर सौ ग्राम अनाज में बात करें तो बाजरा में 16.9 मिग्रा, सांवा या समा के चावल में 15.2 मिग्रा, 100 ग्राम कुटकी यानी लिटिल मिलेट्स में 9.3 मिग्रा, और रागी व कंगनी में भी भरपूर मात्रा में आयरन मिलता है।

ऐसे खिलाएं बच्चों को भी
मोटे अनाज से आप डोसा या इडली का घोल बनाकर उसमें चुकंदर, गाजर, बीन्स और पालक जैसी रंगीन सब्जियों को मिलाकर खिला सकती हैं। अंकुरित मोटे अनाज को टमाटर, चुकंदर, खीरा-ककड़ी और कॉर्न के साथ मिलाकर सलाद या चाट के रूप में, पास्ता या सैंडविच फिलिंग में प्रयोग कर खिला सकती हैं। इसके अलावा मोटे अनाज को भिगोकर फिर पीसकर उससे टिक्की और पेनकेक बना सकती हैं।

गर्भवती को भी जरूर खिलाएं

गर्भावस्था में आयरन की कमी को पूरा करने में मोटा अनाज सहायक हो सकता है। हालांकि इस पर पूरी तरह से निर्भर न रहने की सलाह दी जाएगी, क्योंकि इसकी आवश्यकता पूरी तरह से गर्भवती महिला में मौजूद आयरन की मात्रा पर निर्भर करेगी। वैसे इस समय आप मिलेट्स यानी मोटे अनाज को भिगोकर, किण्वित कर या अंकुरित कर खा सकती हैं।

दही-छाछ में भिगोकर खाने से ज्यादा फायदा देता बाजरा
मोटे अनाज से आपको आयरन सही रूप में मिले, इसके लिए इसे किस तरह से प्रयोग में लेना है, इस बारे में भी जानना जरूरी है।

दही-छाछ में भिगोकर खाने से ज्यादा फायदा देता बाजरा
मोटे अनाज से आपको आयरन सही रूप में मिले, इसके लिए इसे किस तरह से प्रयोग में लेना है, इस बारे में भी जानना जरूरी है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button