4. Olympic Day के नाम पर बड़ी लापरवाही: बगैर अनुमति ट्रैफिक के बीच कराई स्केटिंग, बिना सेफ्टी गियर के दिखे बच्चे

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ओलिंपिक दिवस मनाने के नाम पर छोटे बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। उनकी जान जोखिम में डाली जा रही है। एक संस्था ट्रैफिक के बीच बच्चों से स्केटिंग करवाते दिखी। इस दौरान ट्रैफिक भी चलता रहा और मरीन ड्राइव तेलीबांधा तालाब से लेकर घड़ी चौक तक बच्चों ने सुरक्षा को ताक पर रखकर स्केटिंग किया। टीम में कुल 100 बच्चे शामिल रहे। इनके कई के पास सेफ्टी गियर तक नहीं थे।
राजधानी के गौरव पथ कहे जाने वाले मुख्य सड़क पर ये आयोजन किया गया। सबसे अहम और हैरान करने वाली ये बात रही कि इस कार्यक्रम के लिए आयोजकों ने रायपुर ट्रैफिक पुलिस तक को कोई सूचना नहीं दी थी। न ही जिल प्रशासन को खबर किया गया था। बताया जाता है कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन की ओर से किया गया था।
छत्तीसगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पाचं से 12 साल के बच्चों को स्केटिंग पहनाकर गौरव पथ पर दौड़ा दिया। इस दौरान बहुत से बच्चों के पास सेफ्टी गियर तक नहीं थे। हालांकि कई बच्चे हेलमेट पहने जरूर नजर आए, लेकिन ग्लब्स, नीपैड, एल्बो गार्ड समेत कई सुरक्षा वाली चीजें नहीं पहने थे। सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं था। हालांकि कुछ बच्चे ही सेफ्टी गियर के साथ देखे गए। ऐसे में एक बड़ा हादसा हो सकता था। आयोजकों ने रायपुर, भिलाई, दुर्ग, बिलासपुर से इन बच्चों को ओलिंपिक डे सेलिब्रेट करने के लिए 5 से 15 साल और युवाओं तक को बुलाया था। छत्तीसगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन के दलजीत सिंह से इसके लिए अपनी लापरवाही मानी है। उनका कहना है कि इस आयोजन के लिए खत जिसे देने के लिए कहा गया था, वो व्यक्ति समय पर नहीं पहुंचा सका।



