7. 30 के बाद हर महिला के लिए जरूरी है साल में ये 10 टेस्ट, कई घातक बीमारियों से बची रहेंगी, दवा पर पैसा नहीं होगा खर्च

30 की उम्र तक आते-आते महिलाओं की शादी हो जाती है और कुछेक को बच्चे भी हो जाते हैं. इसके साथ ही शहरी महिलाएं कामकाजी भी रहती हैं. यानी उन्हें घर का काम करने के अलावा दफ्तर में भी काम करना पड़ता है. 30 ऐसी उम्र है जिसमें महिलाओं के उपर कई जिम्मेदारियां आ जाती है. इन सभी जिम्मेदारियों को निभाते-निभाते वह अपनी हेल्थ का केयर करना छोड़ देती हैं. पर हेल्थ के प्रति यह लापरवाही काफी भारी पड़ जाती है.
इस कारण कई बीमारियां होने लगती हैं और इसपर समय और पैसा तो बर्बाद होता ही है, साथ में मानसिक परेशानी भी बढ़ जाती है. इसलिए यदि आप चाहती हैं कि उम्र बढ़ने के साथ आप बीमारियों से दूर रहें तो कुछ टेस्ट आपको हर साल जरूर कराने चाहिए. इससे हेल्थ पर आपका बीमारियों से होने वाला खर्चा भी बच जाएगा.
हर महिला को हर साल करानी चाहिए ये टेस्ट
1. विटामिन बी 12-इंडियन एक्सप्रेस की खबर ने न्यूट्रिशनिस्ट खुशबू जैन के हवाले से बताया कि हर महिला को 30 साल की उम्र के बाद साल में एक बार विटामिन बी 12 टेस्ट जरूर कराना चाहिए. वैसे भी भारत में 70 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को विटामिन बी 12 की कमी होती है. इससे यह पता चलता है कि आपका ब्रेन, ब्लड और नर्वस सिस्टम सही है या नहीं.
2. विटामिन डी-विटामिन डी की कमी हड्डी, फर्टिलिटी और इम्यून सिस्टम को प्रभावत करती है. इसलिए हर महिला को साल में विटामिन डी का टेस्ट कराना चाहिए.
3. थायरॉयड-आज अधिकांश महिलाओं को थायरायड की दिक्कत है. इस कारण मां बनने में दिक्कत होती है. आपका मेटाबोलिज्म सही से काम कर रहा है या नहीं, इसके लिए थायरॉयड टेस्ट साल में जरूर कराएं.
4. आयरन-हर साल महिलाओं को आयरन टेस्ट जरूर कराना चाहिए. इससे यह पता चलेगा कि खून में आयरन को किसी चीज को बांधने की कितनी क्षमता है.
5. एचबीए1सी-यह डायबिटीज टेस्ट है जो खून में शुगर की तीन महीना की मात्रा का औसत माप है. इससे यह पता चलता है कि ब्लड शुगर तो नहीं बढ़ गया है.
6. लिपिड प्रोफाइल-आजकल जिस तरह का लाइफस्टाइल है, उसमें 30 साल के बाद हर महिला को यह टेस्ट कराना चाहिए. इससे यह पता चलेगा कि आपका कौन सा कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है. एलडीएल अगर बढ़ जाए तो यह सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह हो सकता है.
7. हार्मोन पैनल-महिलाओं के लिए हार्मोन का विशेष महत्व है. इसमें डीएचईए, एस्ट्राडिओल, फ्री एंड टोटल टेस्टोस्टेरोन, प्रोजेस्ट्रोन आदि हार्मोन के बारे में पता चलता है.
8. एचएस-सीआरपी-एचएस-सीआरपी टेस्ट लंबे समय तक इंफ्लामेशन के संकेतों को पकड़ता है. इंफ्लामेशन के कारण शरीर में कई तरह की क्रोनिक बीमारियां होती है.
9. कैल्शियम-हर महिला को साल में एक बार कैल्शियम का टेस्ट जरूर कराना चाहिए. कैल्शियम इम्यूनि सिस्टम, विटामिन की कमी और ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को प्रभावित करता है.
10. होमोसिस्टीन-होमोसिस्टीन से शरीर में एमिनो एसिड के बारे में पता चलता है. अगर इसकी कमी हो जाए तो विटामिन बी 6, विटामिन बी 9 और विटामिन बी 12 की भी कमी हो जाती है.



