छत्तीसगढ़

2. रसोई का बिगड़ेगा बजट, बाहरी आवक के भरोसे सब्जियां, कीमतों में 40 प्रतिशत तक की तेजी

रायपुर।  सब्जियों में अब स्थानीय आवक लगभग समाप्त हो गई है और सब्जियों के लिए पूरी निर्भरता बाहरी आवक के ही सहारे है। इसके चलते इसकी कीमतों में बीते दस दिनों में ही 40 प्रतिशत तक की तेजी आ गई है। दस दिन पहले तक 25 रुपये किलो में उपलब्ध टमाटर अब 40 रुपये किलो पहुंच गया है, वहीं गोभी भी 50 से 60 रुपये किलो बिक रही है। सब्जी कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इसकी कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

मंगलवार को गोलबाजार, आमापारा, टिकरापारा, संतोषीनगर सहित विभिन्न बाजारों में टमाटर 40 रुपये किलो, गोभी 50-60 रुपये किलो, भिंडी 50 रुपये किलो, लौकी 30 रुपये किलो, परवल 40 रुपये किलो, बैगन 30 रुपये किलो तक बिक रही है। सब्जियों की कीमतों में यह तेजी बीते दस दिनों में ही आई है। बताया जा रहा है कि अब स्थानीय आवक तो नहीं के बराबर है और सब्जियों के लिए पूरी निर्भरता बाहरी आवक पर ही टिकी हुई है। थोक सब्जी व्यावसायी संघ के अध्यक्ष टी श्रीनिवास रेड्डी का कहना है कि बाहरी आवक भी पर्याप्त नहीं है, इसके चलते ही कीमतों में तेजी बनी हुई है। आने वाले दिनों में सब्जियों की कीमतों में और बढ़ोतरी होगी।

 

अदरक अभी भी 200 रुपये किलो

अदरक की कीमतें अभी भी आसमान पर है और थोक में ही अदरक 150 रुपये किलो बिक रहा है और चिल्हर में 200 रुपये किलो पहुंच गया है। इसके साथ ही लहसून की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है और लहसून इन दिनों 140 रुपये किलो बिक रही है।

आलू-प्याज के दाम स्थिर

आलू-प्याज की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। थोक में आलू इन दिनों छह से 12 रुपये किलो और प्याज आठ से 13 रुपये किलो बिक रही है। कारोबारियों का कहना है कि बाजार में इनकी मांग भी कमजोर बनी हुई है, इसके चलते ही कीमतों में स्थिरता है।

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