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छत्तीसगढ़ की IAS का निधन:काफी दिनों से बीमार थीं डॉ. एम. गीता, दिल्ली के अस्पताल में ली आखिरी सांस

छत्तीसगढ़ की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. एम. गीता का शनिवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रही थीं। पिछले साल तक वे राज्य सरकार में कृषि उत्पादन आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। बाद में उन्हें आवासीय आयुक्त बनाकर दिल्ली में तैनाती दी गई थी।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा, गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन में उनका योगदान अंकित है।

डॉ. एम. गीता को स्वास्थ्यगत वजहों से पिछले साल दिल्ली में तैनाती दी गई थी। तबसे उनका वहीं इलाज चल रहा था। 27 मई को उन्हें गंभीर हालत में दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। लंबे समय तक कोमा में रहने के बाद डॉ. एम. गीता का शनिवार शाम निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उन्हें एक के बाद एक 13 स्ट्रोक आए थे। उसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। डॉ. एम. गीता के निधन से प्रदेश सरकार और प्रशासन में शोक की लहर है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनके निधन पर शोक जताया है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी प्रशासन में उनके योगदान को याद कर रहे हैं। पूर्व अफसर और भाजपा नेता ओपी चौधरी ने लिखा, विश्वास ही नहीं हो रहा कि 1997 बैच की एक डायनेमिक IAS, 51 वर्षीय एम. गीता मैडम नहीं रहीं। मेरे रायपुर कलेक्टरी के समय वे देवेंद्र नगर आफिसर्स कालोनी में मेरी पड़ोसी रहीं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को इस आकस्मिक आघात से उबरने की ताकत प्रदान करे।

सागर से की थी कॅरियर की शुरुआत

मूल रूप से केरल निवासी डॉ. एम. गीता ने एंथ्रोपोलॉजी से मास्टर्स किया था। बाद में उन्होंने इसी में अपनी डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की। बाद में वे सिविल सेवा में चुनी गई। उन्हें 1997 का मध्य प्रदेश कैडर अलॉट हुआ। जून 1999 में सागर के असिस्टेंट कलेक्टर के तौर पर उनकी पहली पोस्टिंग हुई थी। बाद में उन्होंने कई जिलों के कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाली। बाद में उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर की जिम्मेदारी मिली। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई।

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