अब 24 को रोजेदार रखेंगे रोजा,चांद दिखाई देने के अगले दिन रोजेदार रखते हैं रोजा
मुसलमानों के लिए रमजाम इस्लामिक कैलेंडर का नौंवा और पाक महीना होता है. इसमें रोजेदार पूरे महीने रोजा रखते हैं.

क्या होती है सहरी?
रोजा के लिए सुबह सूर्योदय से पहले फज्र की अजान के साथ सहरी ली जाती है. रमजान में सूर्योदय पहले खाने वाले भोजन को ही ‘सहरी’ कहा जाता है. रमजान शुरू होने के पहले ही पूरे महीने के लिए सहरी करने का समय भी निर्धारित कर दिया जाता है. इसी समय के अनुसार सहरी करनी होती है और पूरे दिन रोजा रखा जाता है.
रमजान के पाक महीने में करें ये नेक काम
अल्लाह ताला ने आपको अगर इतना सामर्थ्य बनाया है कि आप दूसरों की मदद कर सकें तो रमजान के महीने में गरीब और जरूरतमंदों में सहरी और इफ्तार के लिए फल, भोजन, खजूर या जूस आदि का दान करें. इससे नेक काम रमजान में कुछ भी नहीं.
रमजान में क्यों पढ़ते हैं तरावीह की नमाज
तरावीह वह नमाज है, जिसे रमजान के दौरान ही पढ़ा जाता है. चांद रात यानी चांद दिखने के दिन से ही इसकी शुरुआत हो जाती है और आखिरी रमजान तक इसे पढ़ा जाता है. तरावीह की नमाज सुन्नते मोक्किदा होती है. इसे मर्द और औरत दोनों पढ़ते हैं. रमजान में तरावीह न पढ़ना गुनाह माना जाता है.
रमजान में क्यों रखा जाता है रोजा
रमजान में रोजा रखने का उद्देश्य लोगों को अल्लाह की इबादत के करीब लाना है. रमजान में रोजे के दौरान ऐसे नियम होते हैं, जिससे कि लोग अधिक से अधिक समय अल्लाह की इबादत कर सके.
रमजान के पाक महीने में इन 5 बातों का रखें ध्यान
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- सही समय पर सहरी और इफ्तार करें.
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- पांच वक्त की नमाज अदा करें.
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- रमजान के महीने में तरावीह की नमाज, ईशा नमाज के बाद पढ़ें.
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- इस पाक महीने में कोई भी ऐसा काम न करें जिससे दूसरे को दुख हो.
- रमजान के महीने में अधिक से अधिक अल्लाह की इबादत करें.
इसलिए खास है रमजान का महीना
रमजान 2023 कब से कब तक?
आज बुधवार 22 मार्च 2023 को अगर चांद दिखता है तो रमजान की शुरुआत हो जाएगी और इसका समापन 21 अप्रैल 2023 को होगा. मक्का में 23 मार्च को पहला रोजा रखे जाने की संभावना है.
चांद दिखते ही कहें रमजान मुबारक
ऐ माह-ए-रमजान आहिस्ता चल,
अभी काफी कर्ज चुकाना है,
अल्लाह को करना है राजी,
और गुनाहों को मिटाना है,
ख्वाबों को लिखना है और
रब को मनाना है.
रमजान 2023 की मुबारकबाद!



