2. 4 साल के मासूम को डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी, सप्ताह भर से फंसे सेफ्टी पिन को गले से निकाल बचाई जान, जानें पूरा मामला

जगदलपुर। अकसर छोटी सी गलती बहुत भारी पड़ सकती है अगर बच्चा छोटा हो और उसपर ध्यान ना दिया जाये तो वो कुछ भी खा सकता है इसलिए बच्चो का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है एक नया मामला जगदलपुर के केशकाल से सामने आया है जिसमे 4 साल के मासूम ने सेफ्टी पिन खा लिया जो उसके आहार नली में जाकर फस गया तब उसके परिजन उसे अस्पताल लेकर गए जहां मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने 4 साल के मासूम के गले में सप्ताह भर से फंसे सेफ्टी पिन को सफलता के साथ निकालने में कामयाबी पाई है.
यह सेफ्टी पिन बच्चे ने अनजाने में निगल लिया था, जो आहार नाल के ऊपरी हिस्से में फंस गया था. मेकाज के डॉक्टर हेमन्त शर्मा ने दूरबीन पद्धति से इलाज कर इसे निकाले में सफल रहे. जानकारी के अनुसार, केशकाल में रहने वाले 4 साल के इस मासूम को बीते कुछ दिनों से बुखार आ रहा था. परिजन पहले उसे केशकाल लेकर आए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद आराम नहीं होने पर डॉक्टरों ने बच्चे को कोंडागांव जिला अस्पताल रेफर कर दिया था.
कोंडागांव जिला अस्पताल से इसे मेकाज जगदलपुर रेफर किया गया, जहां पर एमआरआई के बाद गले में फंसे सेफ्टीपिन का पता चला. आहार नाल में यह सेफ्टी पिन खुला हुआ था, जिससे उपचार में विशेष सतर्कता की आवश्यकता थी, क्योंकि पिन की नोक से आहार नाल को नुकसान हो सकता था. डॉक्टरों की टीम ने सभी जांच करने के बाद फिर बिना चिरफाड़ के ही दूरबीन पद्धति से इस सेफ्टी पिन को सुरक्षित बाहर निकाल दिया. 19 फरवरी को बच्चे को पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया. परिजनों ने बच्चे के बेहतर इलाज से राहत की सांस ली है. उपचार के बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है.



