2. छत्तीसगढ़ के कोरबा में ईडी का छापा, कलेक्टोरेट दफ्तर में दस्तावेज खंगाल रही टीम

रायपुर/कोरबा. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार महीने में तीसरी बार बुधवार को कोरबा के कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित जिला खनिज विभाग और खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफ) के दफ्तर छापा मारा। दोपहर करीब 12 बजे ईडी की टीम दो गाड़ियों में कलेक्ट्रेट स्थित दफ्तर पहुंचे। इस दौरान दो अधिकारी माइनिंग और छह अधिकारी डीएमएफ के दफ्तर पहुंचते ही खदान आवंटन की प्र₹िया और उससे संबंधित दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया। इस दौरान डीएमएफ फंड से संबंधित फाइलों के संबंध में पूछताछ की। साथ ही पिछले इस फंड से पांच वर्ष में कराए गए काम और इसमें खर्च की गई राशि का ब्योरा लिया गया। बताया जाता है कि माइनिंग से संबंधित निविदा और उसके बिल के रेकॉर्ड भी खंगाले गए। बताया जाता है कि देर शाम तक तलाशी का काम जारी रहा। इस दौरान सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को रोक कर रखा गया था। वहीं किसी भी बाहरी व्यक्ति को तलाशी के दौरान प्रवेश नहीं दिया गया।
सभी दस्तावेजों को अधिकारियों से करवाए गए प्रमाणित
ईडी की टीम ने तलाशी लेने के साथ ही खदानों के आवंटन, कोयले की लेवी और डीएमएफ फंड से संबंधित इलेक्ट्रानिक और मैन्युअल दस्तावेजों की जब्त किया गया है। इन सभी दस्तावेजों की फोटो कॉपी भी कराई गई है। इसे स्थानीय खनिज शाखा के अधिकारियों से प्रमाणित करवाया गया है। वहीं पुराने रेकॉर्ड को सम्हालकर रखने की हिदायत दी गई है। इस दौरान कुछ रसूखदार लोगों द्वारा एक से अधिक खदान लेने की जानकारी भी सामने आई है। इसमें माइनिंग विभाग के कुछ अधिकारियों के रिश्तेदार बताए जाते हैं। बता दें कि कोरबा के माइनिंग शाखा में पहले खनिज विभाग के संचालक एसएस नाग पदस्थ रह चुके हैं। बाद में उन्हें हटा दिया गया था।
ईडी ने खनिज शाखा में पदस्थ अधिकारियों से पूछताछ कर उनका बयान लिया है। वहीं जरूरत पड़ने पर दोबारा पूछताछ के लिए ईडी मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने कहा गया है। हालांकि तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए गए है। इनकी जांच करने के बाद जरूरत पडऩे पर अन्य जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए गए है। सूत्रों का कहना है कि विशेष कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिग मामले की सुनवाई शुरू होने पर इसे साक्ष्य के रूप में पेश किया जाएगा।
कारोबारी दीपेश टांक का जमानत आवेदन खारिज
रायपुर . मनी लॉन्ड्रिग मामले में जेल भेजे गए दुर्ग के जमीन कारोबारी दीपेश टांक के जमानत आवेदन को विशेष कोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दिया। विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि दीपेश पर लगाए गए आरोप मनी लॉन्ड्रिग मामले में भेजे गए अन्य आरोपियों से अलग प्रवृति का नहीं है। ईडी ने पूछताछ करने के नोटिस जारी करने के बाद हिरासत में लिया था। इस दौरान पुख्ता साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार किया है। साथ ही चालान भी पेश किया जा चुका है। इन परिस्थितियों और प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जमानत नहीं दी जा सकती है। बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आईएएस, माइनिंग विभाग के अधिकारी, कारोबारी और ईडी के फर्जी अधिकारी सहित 9 लोगों को जेल भेजा गया है।



