केवाइसी अपडेट करने का झांसा देकर एक लाख 22 हजार रुपये की ठगी, साइबर फ्राड से बचने अपनाएं ये उपाय
केवाइसी अपडेट करने का झांसा देकर बीमा एजेंट के क्रेडिट कार्ड से एक लाख 22 हजार रुपये उड़ा लिए गए। देवेंद्र नगर पुलिस से इसकी शिकायत की गई है। पुलिस के अनुसार, सी-28 बजाज कालोनी, न्यू राजेंद्रनगर निवासी विष्णु रूपरेला (51) एलआइसी एजेंट के साथ पंडरी व्यापारी संघ के कार्यकारिणी

पुलिस के अनुसार, सी-28 बजाज कालोनी, न्यू राजेंद्रनगर निवासी विष्णु रूपरेला (51) एलआइसी एजेंट के साथ पंडरी व्यापारी संघ के कार्यकारिणी सदस्य भी हैं। 29 सितंबर की दोपहर 2.20 बजे उनके मोबाइल पर 6297331568 नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने स्वयं को एसबीआइ कार्ड शाखा से अनिल कुमार बताते हुए केवाइसी अपडेट करने को कहा। उसने एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करने पर 66,170 रुपये का ट्रांजेक्सन का संदेश आया।
साइबर एक्सपर्ट मोनाली गुहा ने कहा, मेरी अब तक की रिसर्च में मैने पाया है कि ज्यादातर साइबर अपराध लालच देकर अथवा डरा धमका कर किए जाते हैं । सभी से निवेदन लालच एवं भय से दूर रहें। साथ ही तकनीक के साथ अपटेड रहे। घर के लोगों को भी जागरूक करें। साइबर एक्सपर्ट मोनाली गुहा ने कहा, मेरी अब तक की रिसर्च में मैने पाया है कि ज्यादातर साइबर अपराध लालच देकर अथवा डरा धमका कर किए जाते हैं । सभी से निवेदन लालच एवं भय से दूर रहें। साथ ही तकनीक के साथ अपटेड रहे। घर के लोगों को भी जागरूक करें।
साइबर बचाव के तरीके
– किसी भी तरह के डर अथवा लालच भरे काल रिसीव करने या मेसेज या लिंक पर क्लिक करने से बचिए। किसी भी तरह की लाटरी, कैशबैक, स्क्रैच कार्ड, या अन्य किसी तरह के आफर आदि के बहकावे में न आएं।
– ठगी हो जाने की स्थिति में सबसे पहले अपना खाता, डेबिट व क्रेडिट कार्ड ब्लाक करें और 24 घंटे के भीतर 155260 पर शिकायत करें। साथ ही अपने नजदीकी थाने संबंधित बैंक में भी शिकायत करें।
– जब भी कोई फोन काल पर ओटीपी मांगे अथवा कोई एप इंस्टाल करने को कहे तो तुरंत फोन कट कर दें, उनकी बात मानने पर हैकिंग अथवा ठगी का शिकार हो सकते हैं।



