6. छत्तीसगढ़ की गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी का पोर्टल हैक, एग्जाम से पहले क्वेश्चन पेपर सोशल मीडिया पर वायरल; छात्रों का डेटा भी खतरे में

बिलासपुर। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में संचालित सेमेस्टर परीक्षाओं के बीच प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका ने विश्वविद्यालय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रवेश, परीक्षा और प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले समर्थ पोर्टल में संभावित सेंध की आशंका के बीच यह मामला सामने आया है।
परीक्षा से पहले छात्रों तक पहुंचे प्रश्न
विश्वविद्यालय में यूजी, पीजी और विभिन्न विभागों की सेमेस्टर परीक्षाएं जारी हैं। इसी दौरान जानकारी सामने आई कि कुछ छात्रों के पास परीक्षा से पहले ऐसे प्रश्नपत्र पहुंचे थे, जिनमें शामिल कई सवाल वास्तविक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते पाए गए। इस घटना के बाद प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
विद्यार्थियों के निजी डेटा पर भी खतरा
समर्थ पोर्टल में सेंध लगने की आशंका के चलते विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जानकारी के लीक होने की चिंता भी जताई जा रही है। विश्वविद्यालय के करीब 32 विभागों से संबंधित प्रश्नपत्र, परीक्षा परिणाम, शैक्षणिक रिकॉर्ड और अन्य गोपनीय दस्तावेज इस पोर्टल में सुरक्षित रखे जाते हैं।
इसके अलावा छात्रों के पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, अंकसूचियां, दस्तावेज सत्यापन से जुड़े रिकॉर्ड तथा भर्ती और पीएचडी प्रवेश परीक्षाओं से संबंधित संवेदनशील जानकारियां भी पोर्टल में संग्रहित रहती हैं।
प्रशासन ने शुरू की तकनीकी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरु घासीदास विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल आपात बैठक आयोजित की है। अधिकारियों ने तकनीकी समीक्षा शुरू करते हुए पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
सात दिन में रिपोर्ट सौंपेगी समिति
जांच के लिए गठित समिति में प्रो. एस.सी. श्रीवास्तव, प्रो. मुकेश कुमार सिंह, प्रो. खेमचंद देवांगन, प्रो. भारती अहिरवार तथा टी.पी. सिंह को शामिल किया गया है। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय की डिजिटल व्यवस्था का प्रमुख आधार है समर्थ पोर्टल
समर्थ पोर्टल केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, दस्तावेज सत्यापन, प्रशासनिक रिकॉर्ड और भर्ती प्रक्रियाओं के संचालन का प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म माना जाता है। ऐसे में इसकी सुरक्षा में संभावित चूक ने
विश्वविद्यालय की साइबर सुरक्षा व्यवस्था और डेटा संरक्षण प्रणाली को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। परीक्षा के पूर्व प्रश्न पत्र इंटरनेट मीडिया में वायरल हो रहे थे। इसकी जांच के लिए कमेटी बनाई गई हैं।
प्रो. मनीष श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी, जीजीयू



