8. सर्दी-जुकाम में फायदेमंद मुलेठी:मेनोपॉज, वेट लॉस, फैटी लिवर और अल्सर में फायदेमंद, फर्टिलिटी बढ़ाए, लेकिन इन गलतियों से बचें

एंटी-वायरल और एंटी बैक्टीरियल गुणों से भरपूर मुलेठी सर्दी, खांसी और जुकाम में फायदेमंद है। चाय, काढ़े में मुलेठी डालकर पीने से इम्यूनिटी बूस्ट होती है। कई लोग मुंह में मुलेठी की लकड़ी रखकर चूसते भी हैं। डॉ. वाई पी सिंह बता रहे हैं मुलेठी के फायदे।
अल्सर, पेट में ऐंठन कम करे मुलेठी
NCBI (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, मुलेठी में डिमल्सेंट गुण होता है, यह पेट में ऐंठन, सूजन और जलन को कम करता है। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल हेल्थ के लिए मुलेठी का सेवन फायदेमंद है। मुलेठी सूजन कम करती है। अल्सर में भी इसका सेवन फायदेमंद हो सकता है ।
डायबिटीज में फायदेमंद
NCBI पर प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, मुलेठी में एंटी-ऑक्सीडेंट और हाइपरग्लाइसेमिक गुण होते हैं, इसीलिए डायबिटीज के रोगियों के लिए इसका सेवन फायदेमंद है। अध्ययन में पता चला कि मुलेठी के अर्क का सेवन करने से ब्लड ग्लूकोज के स्तर में कमी आती है, जिससे डायबिटीज के उपचार में फायदा होता है।
एंटीओबेसिटी इफेक्ट करेगा वेट लॉस
वेट लॉस करना चाहते हैं तो मुलेठी का पाउडर या मुलेठी का अर्क लें। इसे खाने से पेट का मोटापा कम होता है। रिसर्च में पता चला कि मुलेठी की जड़ के अर्क में एंटीओबेसिटी इफेक्ट होता है। इसी वजह से पानी के साथ मुलेठी पाउडर लेने से वजन घटता है।
फैटी लिवर प्रॉब्लम है तो मुलेठी लें
मुलेठी लिवर के लिए फायदेमंद है। इसमें मौजूद हेपोप्रोटेक्टिव एलिमेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट को बढ़ाकर लिवर को डैमेज होने से बचाता है। फैटी लिवर की प्रॉब्लम है तो मुलेठी का अर्क लेने से फायदा होगा।
इम्यूनिटी बूस्ट करे
मुलेठी खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। रिसर्च के अनुसार, एंटीऑक्सीडेंट और इम्यूनिटी बूस्टर एलिमेंट्स से भरपूर मुलेठी को विंटर्स में खाने से खास फायदा मिलता है। सुबह खाली पेट मुलेठी के टुकड़े चबा-चबाकर खाएं।
पुरुषों की फर्टिलिटी बढ़ाए
मुलेठी पाउडर के सेवन से मेल फर्टिलिटी बेहतर होती है। रिसर्च के मुताबिक, मुलेठी की जड़ या तना खाने से पूरी बॉडी हेल्दी रहती है। मुलेठी खाने से मेल सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ता है, इसलिए यह फर्टिलिटी के लिए फायदेमंद है।
मेनोपॉज में फायदेमंद
45 से 55 साल की उम्र में महिलाएं मेनोपॉज से होकर गुजरती हैं। पीरियड्स बंद होने के साथ ही महिलाओं में कई अंदुरुनी बदलाव होते हैं। महिलाएं हॉट फ्लैश फील करती हैं। इस स्थिति में महिलाओं के चेहरे, गर्दन और सीने में जलन और गर्माहट महसूस होती है। मुलेठी में फाइटोएस्ट्रोजन होता है जो मेनोपॉज में हॉट फ्लैश की प्रॉब्लम में राहत पहुंचाता है।
मुलेठी के कई फायदे हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से नुकसान भी पहुंच सकता है। डॉक्टर की सलाह के बाद ही मुलेठी का सेवन करें।
मुलेठी के नुकसान
प्रेग्नेंट महिलाओं को मुलेठी का सेवन नहीं करना चाहिए। मुलेठी में ग्लाइसीर्रिजिनिक एसिड होता है, कुछ दवाओं के साथ इसका सेवन करने से बॉडी में पोटैशियम लेवल कम हो जाता है। हार्ट पर बुरा असर पड़ता है। ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से हाई ब्लड प्रेशर का रिस्क रहता है।
मुलेठी की चाय बनाने का तरीका
मुलेठी चबाना और पाउडर की तरह खाना नहीं अच्छा लगता, तो मुलेठी की चाय पिएं। मुलेठी की चाय बेहद फायदेमंद है। चाय बनाने के लिए पानी में मुलेठी, अदरक और तुलसी डालकर खौलाएं। उबाल आने पर गैस बंद करें। कप में 1 चम्मच शहद डालें और चाय छान लें। सर्दी, खांसी और जुकाम में यह चाय बहुत फायदेमंद है।



