सरायपाली महिला विधायक चातुरी नंद को वार्षिक महोत्सव में ना बुलाकर कॉलेज प्रबंधन ने दिया ओछी मानसिकता का परिचय-कांग्रेस

सरायपाली/ विकास नंद/
स्व. वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में स्थानीय विधायक चातुरी नंद को आमंत्रण नहीं दिया जाना कई सवाल खड़े करता है जबकि नियमानुसार जनभागीदारी महाविद्यालय का पदेन अध्यक्ष स्थानीय विधायक होता है इसे महाविद्यालय प्रबंधन की घोर लापरवाही या भाजपा सरकार की बदले की राजनीति कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी जिसको लेकर के कांग्रेस व उससे जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा प्रिंसिपल के चेम्बर में लगभग एक घंटे तक हंगामा व विरोध प्रदर्शन किया गया । इन पदाधिकारियों के विरोध प्रदर्शन का प्रिंसिपल के पास कोई जवाब नही था उल्टे प्रदर्शन कारियों को समझाने के बजाय अपनी मजबूरी बताने में लगे रहे । विधायक चातुरी नंद ने कॉलेज की इसे घोर लापरवाही व अपमानजनक कार्य की निंदा की है इस संबंध में कांग्रेस संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुवे कहा कि कॉलेज एक विद्या का मंदिर है कालेज के प्रबंधकों व प्रशासन द्वारा इस कॉलेज को राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया है जो कि निंदनीय कृत्य है ।और यह वार्षिकोत्सव कार्यक्रम शासकीय महाविद्यालय के अदूरदर्शिता के चलते राजनीति की भेंट चढ़ गया। कॉलेज प्रबंधन द्वारा विधायक को अतिथि के तौर पर बुलाना छोड़ सत्ताधारी पार्टी के नेताओं को मंच देना ज्यादा उचित समझा तभी तो आमंत्रण कार्ड में विधायक का नाम तक नहीं छापा गया है।
मीडिया को जानकारी देते हुए छात्र नेताओं ने बताया कि विधायक को आमंत्रित ना करके सरायपाली क्षेत्र की जनता का अपमान किया गया है। क्षेत्र की जनता ने जिसे सिरे से नाकार दिया था वो अब सत्ता के नशे में मशगूल होकर फूल माला की राजनीति कर रही है। कॉलेज प्रबंधन ने सत्ता धारी नेताओं को मंच देकर कार्यक्रम को पूरी तरह राजनीतिक बना दिया है जिसका हम खुला विरोध करते है। इन छात्रों व संगठन प्रमुखों ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन की शिकायत राज्यपाल , मुख्यमंत्री , विश्वविद्यालय आदि से की जाकर आवश्यक कार्यवाही किये जाने की मांग की जायेगी ।
प्रिंसिपल के चेम्बर में हंगामा व विरोध दर्ज कर रहे इन पदाधिकारियों को प्राचार्य पी के भोई द्वारा दूसरे कार्यक्रम में विधायक का सम्मान करने की बात कहते हुए ऊपरी दबाव होने की बात छात्र नेताओं को बताई गई है व अब किसी तरह के सुधार की संभावना से इनकार किया ।
इस संबध में सरायपाली विधायक चातुरी नंद का कहना है की जिसे विद्या के उस मंदिर में तुच्छ व ओछी राजनीति करनी हैं करने दीजिए, हमे ऐसी छोटी सोच की राजनीति करके कुर्सी पर नही बैठना ,ऐसी कुर्सी उन्हें ही मुबारक और आगे कहा कि मैं अपने विधानसभा के शासकीय महाविद्यालय के छात्र छात्राओं के हित के लिए जो बने करने को तैयार हूं और करते रहूंगी। बहरहाल विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस तरह की राजनीति की आलोचना दबी जुबान में भाजपा के पदाधिकारी भी कर रहे हैं कि एक जनप्रतिनिधि व स्थानीय विधायक के साथ इस तरह का व्यवहार गलत है साथ ही जिस वार्षिकोत्सव समारोह में जिले के सांसद स्वयं मौजूद थे वहां भाजपा के जिला पदाधिकारी. मोर्चा, प्रकोष्ठ के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को भी नहीं बुलाया जाना एक नई तरह की राजनीति की शुरुआत सरायपाली में हो चुकी है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है
सरायपाली के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि कॉलेज के वार्षिकोत्सव में क्षेत्रीय विधायक को पूछा तक नहीं गया है। इसे लेकर कॉलेज के छात्र छात्राओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसे लेकर एनएसयूआई अध्यक्ष भीष्म देव पटेल, युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भरत मेश्राम, भूतपूर्व छात्र एवं कांग्रेस नेता मोहसिन मेमन,अरमान हुसैन, अध्यक्ष अनस खान और युवा नेताओं ने इस संबंध में महाविद्यालय में जाकर कॉलेज प्रबंधन को जमकर खरी खोटी सुनाई। छात्र नेताओं का कहना है कि महाविद्यालय जैसे विद्या के पावन मंदिर में राजनीति करना सत्ताधारी पार्टी की ओछी मानसिकता को दर्शाती है।



