1. 13 सूत्रीय मांगो को लेकर डटा सरपंच संघ, आज करने जा रहे बड़ा प्रदर्शन

रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बार फिर एक बड़ा धरना प्रदर्शन होने जा रहा है। शनिवार को होने वाले इस प्रदर्शन को छत्तीसगढ़ सरपंच संघ करने जा रहा है। इसमें प्रदेश भर के सरपंच व पंच शामिल होंगे। गौरतलब है कि बीते 22 अगस्त से सरपंच संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। बताया जा रहा है की विशाल प्रदर्शन में 25 से भी ज्यादा प्रदर्शनकारियों की भीड़ आ सकती है। गौरतलब है की 10 अगस्त को ही विशाल धरने का आयोजन कर चूका है।
छत्तीसगढ़ सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य उपाध्याय ने बताया “शनिवार को छत्तीसगढ़ सरपंच संघ के इस विशाल धरना प्रदर्शन के आयोजन में सरपंच संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयराम पनसानिया भी शिरकत करेंगे। ग्राम पंचायत के सरपंच बनने के बाद गांव की जनता की सेवा जरूर कर रहे हैं लेकिन मानदेय के रूप में सरकार हर महीना 2000 रुपये दे रही हैं। यह सरपंच का अपमान है घर परिवार भी चलाना अब मुश्किल हो गया है। आखिर गांव का सरपंच कब तक कर्ज लेकर सरकार की योजनाओं को अमलीजामा पहनाते रहेगा। सरपंच अपनी खेती बाड़ी बेचकर कर्ज के तले डूब गया है जबकि सांसद और विधायकों का मानदेय बढ़ा दिया जाता है। सरकार की इस अनदेखी के खिलाफ सरपंच आक्रोशित है।”
यह है सरपंच संघ की 13 सूत्रीय मांग
सरपंचों का मानदेय राशि 20 हजार रुपए और पंचों का मानदेय राशि 5 हजार रुपए किया जाए
सरपंचों को आजीवन 10 हजार रुपए पेंशन दिया जाए
50 लाख की राशि तक के सभी कार्य में कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत को ही बनाया जाए
सरपंच निधि के रूप में राज्य सरकार के द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपए दिया जाना चाहिए
नक्सलियों द्वारा सरपंच को मारे जाने पर 20 लाख रुपए का मुआवजा राशि और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिया जाना चाहिए
15वें वित्त आयोग अनुदान राशि केवल उसी ग्राम पंचायत के लिए होना चाहिए15वें वित्त आयोग की राशि को अन्य योजनाओं के निर्माण कार्य में नहीं लगाया जाना चाहिए
मनरेगा सामग्री की राशि हर 3 महीने के अंदर भुगतान किया जाना चाहिए
मनरेगा निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए 40% अग्रिम राशि सरकार के द्वारा प्रदान किया जाना चाहिए
छत्तीसगढ़ के सरपंचों के कार्यकाल में 2 साल की वृद्धि की जानी चाहिए
प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना अंतर्गत आवाज की राशि को महंगाई दर को देखते हुए 2 लाख रुपए की वृद्धि की जानी चाहिए
.अविश्वास प्रस्ताव को संशोधन कर जनता के हाथों में दिया जाना चाहिए
धारा 40 में तत्काल संशोधन किया जाना चाहिए



