छत्तीसगढ़

7. छत्तीसगढ़ में जवान क्यों कर रहे हैं आत्महत्या? कोंडागांव में जवान ने खुद को मारी गोली, 10 दिन में तीसरा मामला

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले धनोरा में एक पुलिस जवान ने आत्महत्या कर ली है। दरअसल नक्सल प्रभावित इलाकों में पदस्थ पुलिस और सुरक्षाबल के जवानों में अवसाद की समस्या लगातार बढ़ते जा रही है। इसी अवसाद के चलते किसी वह तनाव नहीं सह रहे हैं, संभवतः यही कारण है कि वह खुद की जीवनलीला समाप्त कर रहे हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक के रविवार की रात बस्तर संभाग के माओवादी प्रभावित क्षेत्र कोंडागांव जिले के धनोरा थाना क्षेत्र में एक सहायक आरक्षक ने खुद की सर्विस राइफल से गोली चला कर आत्महत्या कर ली। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सहायक आरक्षक साजेंद्र ठाकुर पिता मनीराम 33 निवासी ग्राम बम्हनी, धनोरा थाना परिसर में संतरी सेवा पर तैनात था। रात्रि लगभग 9.30 बजे आरक्षक की मां और भतीजा उससे मिलने भी पहुंचे हुए थे।

 

इसी दरमियान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसमे मां और भतीजे थाना परिसर से निकले गए। रात्रि के करीब 10 बजे उसने खुद के सर्विस राइफल से गले के पास गोली मार ली, जिससे जवान की मौके पर ही मृत्यु हो गई। सोमवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम धनोरा सामुदायिक केंद्र में करवा लिया गया है। बताया जा रहा है कि मृतक आरक्षक का बीते 10 महीने से धनोरा में ही पदस्थ था। इस पूरे प्रकरण पर एसडीओपी केशकाल भूपत सिंह धनेश्री ने बताया, मृतक जवान ने अपनी खुद को अपनी सर्विस राइफल से गोली मार ली थी।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में जवानों की खुदकुशी के मामले निरंतर बढ़ते जा रहे हैं। गुजरे 10 दिनों में जवानों की खुदकुशी का यह तीसरा प्रकरण सामने आया है।

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