7. सरसों का तेल-लहसुन-अजवाइन करें इस्तेमाल:सर्दी-खांसी-जुकाम से राहत, सूजन कम करे, फंगल इन्फेक्शन से बचाए, मसल्स पेन दूर और हड्डियां मजबूत

आयुर्वेद में सरसों के तेल का काफी महत्व है। यह तेल न सिर्फ सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि इसके इस्तेमाल से स्किन और बालों में भी चमक आ जाती है। सिर्फ सरसों तेल से मालिश करने के बजाय इसमें लहसुन और अजवाइन मिक्स करें। इससे मालिश करने से कई तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलता है। खास तौर पर ये थकान और दर्द दूर करने में असरदार है। आयुर्वेदाचार्य डॉ. आर. पी पराशर से जानते हैं सरसों का तेल, लहसुन और अजवाइन से सेहत को होने वाले फायदे।
लहसुन, अजवाइन और सरसों का तेल के फायदे
ज्यादातर लोग सरसों तेल का इस्तेमाल खाना बनाने के लिए करते हैं। कई लोग मालिश के लिए भी सरसों तेल का इस्तेमाल करते हैं। सर्दी-खांसी और जुकाम की परेशानी होने पर इस तेल से छाती की मालिश करते हैं तो इससे सर्दी-जुकाम से कुछ ही दिनों में छुटकारा मिल जाता है। सूजन को कम करने के लिए सरसों का तेल, लहसुन और अजवाइन से मसाज करें। इससे सूजन कम हो जाती है। इन्फेक्शन से बचाव करने के लिए भी इस तेल से रोजाना मालिश करें।
डिलीवरी के बाद सरसों का तेल, लहसुन और अजवाइन से शरीर की मालिश करें। थकान कम करने के लिए सरसों का तेल, लहसुन और अजवाइन काफी फायदेमंद है। इस तेल से बॉडी मसाज करेंगे तो कमजोरी भी दूर हो जाती है। पैरों के दर्द से यह तेल छुटकारा दिलाता है। नसों में होने वाली सूजन को कम करने के लिए भी इस तेल से रोजाना से मालिश कर सकते हैं।
यह तो हो गयी अजवाइन-लहसुन-सरसों के तेल के फायदे की बात, अब बात करते हैं अजवाइन के तेल के बारे में जो हर मर्ज की दवा है।
दिल का रखे ख्याल
अजवाइन तेल दिल की सेहत के लिए अच्छा होता है। इसमें पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड और फाइबर होता है। इस वजह से अजवाइन का तेल संपूर्ण लिपिड प्रोफाइल जैसे- कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड को कम करने का काम करता है। चूंकि बढ़ा हुआ लिपिड लेवल दिल की धमनियों में रुकावट, धमनी संबंधी समस्या और हार्ट अटैक का जोखिम बढाता है। इस आधार पर अजवाइन के तेल के फायदे दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हैं।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल करे
बढ़े हुए ब्लड प्रेशर में अजवाइन के तेल के फायदे हैं। अजवाइन के तेल में एंटी-हाइपरटेंसिव मौजूद है जो ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम में भी कारगर है।
अल्सर में लाभकारी
बेनिफिट्स ऑफ कैरम ऑयल पेट के अल्सर की समस्या में भी सहायक होते हैं। इसमें थाइमोल नाम का एक खास तत्व पाया जाता है। इस तत्व के कारण अजवाइन के तेल में एंटी गैस्ट्रिक, एंटी-अल्सर गुण पाया जाता है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि पेट से संबंधित अल्सर की समस्या में अजवाइन का तेल सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है।
फंगल इन्फेक्शन
फंगल इन्फेक्शन को दूर करने के लिए अजवाइन के तेल को इस्तेमाल में लाया जा सकता है। अजवाइन के तेल से संबंधित एक शोध में जिक्र मिलता है कि इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण के साथ एंटीफंगल गुण भी पाया जाता है। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि अजवाइन के तेल के लाभ में बैक्टीरियल इन्फेक्शन के साथ ही फंगल इन्फेक्शन से बचाव भी शामिल है।
डाइजेशन के लिए फायदेमंद
डाइजेशन को बढ़ावा देकर अजवाइन का तेल अपच की समस्या को ठीक करने में मदद करता है। इस बात को एनसीबीआई के एक शोध में भी माना गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि अजवाइन के तेल में गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव गुण पाया जाता है। इसके अलावा, इसमें डाइजेस्टिव स्टीमुलेंट गुण भी मौजूद होता है। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि बेनिफिट्स ऑफ कैरम ऑयल पेट के स्वास्थ्य को बनाए रखने के साथ पाचन तंत्र को मजबूती देता है।
अजवाइन के तेल के लाभ के बाद अब हम अजवाइन के तेल के पौष्टिक तत्वों के बारे में जानेंगे।
अजवाइन के तेल के पौष्टिक तत्व
- बीटा-पिनेन
- सैबिनेन
- मायरसेन
- अल्फा-टर्पिनेन
- डी-लिमोनेने
- बीटा-फेलेनड्रेन
- गामा-टर्पिनेन
- पी-साईमेन
- ट्रांस-2 कैरेन 4-ऑल
- सिस-सैबिनेन
- टर्पिनेन-4-ऑल
- एस्ट्रागॉल
- अल्फा-टर्पिनॉल
- एनेथोल
- थाईमोल
- ऑक्सीजेनेटेड कम्पाउंड
- नॉन ऑक्सीजेनेटेड कम्पाउंड
- मोनोटरपीन
अजवाइन के तेल का उपयोग
अजवाइन के तेल को इस्तेमाल करने के लिए एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल किया जा सकता है, इसे दो चम्मच सरसों के तेल में तीन से चार बूंद मिलाकर सेवन के लिए सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है।
डाइट में शामिल करने के लिए अजवाइन के तेल को सलाद पर डालकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
चाहें तो तैयार खाने में फ्लेवर के लिए इसे अजवाइन के ऑप्शन के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
एक कप पानी में दो से तीन बूंद अजवाइन का एसेंशियल ऑयल डालकर भी पिया जा सकता है।
जब बात स्किन या बालों में लगाने की आती है, तो इसे एक चम्मच कैरियर ऑयल जैसे- सरसों, नारियल या जैतून के तेल में दो से तीन बूंद तक मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
कैसे तैयार करें सरसों, लहसुन और अजवाइन का तेल
लहसुन, अजवाइन और सरसों का तेल तैयार करने के लिए पहले 1 कप सरसों का तेल हल्का गर्म करें। इसमें 10 से 12 लहसुन की कलियां और एक चम्मच अजवाइन डालें। इस तेल को अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल से लहसुन और अजवाइन की खुशबू आने लगे तो गैस को बंद कर दें। इसके बाद तेल को ठंडा करके स्टोर कर लें। इस तेल से पैर-हाथ और पीठ की मालिश करें, आराम मिलेगा। सरसों का तेल, लहसुन और अजवाइन से तैयार तेल काफी हेल्दी होता है। सरसों के तेल से एलर्जी की शिकायत है तो पैच टेस्ट करने के बाद ही इस तेल का इस्तेमाल करें।
अजवाइन के तेल के नुकसान
अजवाइन में ब्लड प्रेशर को कम करने का गुण है, लो ब्लड प्रेशर की शिकायत वालों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
अजवाइन के अर्क में गर्भपात करने वाला असर होता है। गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
अजवाइन के अर्क का ज्यादा इस्तेमाल स्किन एलर्जी का कारण बनता है।
अजवाइन के बीज के अर्क के तेल के अधिक सेवन से सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हो सकती है।



