भ्रष्टाचार के अड्डे में कौन सा झंडा गाड़ेंगे अल्ताफ अहमद, बने छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के नए अध्यक्ष
मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष पद पर दुर्ग जिले के अल्ताफ अहमद की हुई नियुक्ति

एम.डी. आरिफ की रिपोर्ट………
रायपुर। छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड जो कि छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित होने वाला बोर्ड है जिस पर समय-समय पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं वर्तमान कांग्रेस सरकार में 4 साल तक इस विभाग में कोई भी अध्यक्ष के रूप में पदस्थ नहीं हुआ। जबकि सरकार को सिर्फ 1 साल बचे हैं ऐसे में छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड में नए अध्यक्ष की नियुक्ति की गई है छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के द्वारा लगातार यह मुद्दा उठाया जा रहा था कि खाली पड़े निगम मंडल एवं आयोग में अध्यक्ष की नियुक्ति क्यों नहीं की जा रही है ऐसे में देखना होगा कि जो छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है उस बोर्ड के अध्यक्ष बन कर दुर्ग जिला के अल्ताफ अहमद सफलता के कौन से झंडे गाड़ पाते हैं या नहीं?

यह तो आने वाला समय बताएगा छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड में हो रहे भ्रष्टाचार को हमने लगातार प्रकाशित किया है यह छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड जो कि पिछले कई सालों से बिना ऑडिट के चल रहा है
छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड में आईटीआई के द्वारा मांगे गए जवाब पर पता चलता है कि छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड का ऑडिट प्रचलन में है जबकि इस विभाग के कर्मचारी व अधिकारी को 1-4 -2017 से 1-8 -2017 तक यानी 5 माह में 29,96, 203 रुपए से अधिक की राशि वेतन के रूप में दी गई है साथ ही मदरसा बोर्ड के सचिव को सरकारी गाड़ी मिला हुआ है जिसका 1-4 -2017 से 1-8- 2017 तक खर्च 3,73,094 हुआ है जबकि हर साल ऑडिट के रूप में चार्टर्ड अकाउंटेंट ज्योति अग्रवाल एंड कंपनी को 34000 रूपये दिया जाता है फिर भी 5 साल से अधिक ऑडिट नहीं होना भ्रष्टाचार के संदेह को जन्म देता है छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के एसबीआई बैंक के अकाउंट नंबर 1082767463 में इतना पैसा जमा रहता है कि वर्ष 2015 और 16 में इनको 2,90,835 बैंक से ब्याज के रूप में मिला है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज के समय में छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड का मान्यता राशि लगभग 7 करोड रुपए सालाना है इससे यह सवाल पैदा होता है कि जब छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड का सालाना ऑडिट नहीं किया जा रहा है तो किस तरीके से इस विभाग में पैसे का लेनदेन हो रहा है? पैसा कहां से आ रहा है? और पैसा कहां जा रहा है? और खर्च कहां हो रहा है? इसका लेखा-जोखा बोर्ड के अधिकारी एवं कर्मचारियों के पास नहीं है।
ऐसे में नवनियुक्त अध्यक्ष अल्ताफ अहमद क्या इसकी जांच करेंगे? यह एक सवाल है इसका जवाब आने वाले समय कहीं हमें मिल पाएगा हम आने वाले अंक में नवनियुक्त अध्यक्ष के जवाब प्रकाशित करेंगे।



