
कोरबा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रदेश में पड़े छापे पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व संसदीय सचिव लखनलाल देवांगन ने कहा कि इस कार्रवाई ने छत्तीसगढ़ में हो रहे बड़े भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। यह कभी सोचा भी नहीं था कि कांग्रेस के शासन में आदिवासियों, किसानों का आम जनता का मेहनत का पैसा, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जाएगा। एक तरफ सरकारी योजनाओं को देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं है और दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में सरकारी संरक्षण में भ्रष्टाचार ने अपनी सारी से सीमाएं लांघ दी है। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास के लिए एक काला अध्याय है।
भाजपा कार्यालय दीनदयाल कुंज में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि परिवहन किए गए प्रत्येक टन कोयले से 25 रुपये प्रति टन की अवैध वसूली कर रहे हैं। प्रतिदिन दो से तीन करोड़ रुपये जबरन वसूले जा रहे है। उन्होंने कहा कि ईडी ने करीब 4.5 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी, सोने के आभूषण, सराफा और करीब दो करोड़ रुपये मूल्य के अन्य कीमती सामान जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी एसओपी के 30,000 से अधिक एनओसी जारी किए गए हैं। आवक और जावक रजिस्टरों का रखरखाव नहीं किया गया था। अधिकारियों की भूमिका पर कोई स्पष्टता नहीं है। ट्रांसपोर्टर का नाम, कंपनी का नाम आदि जैसे कई विवरण खाली छोड़ दिए गए हैं। भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार से पूछा है कि बेहिसाब राशि आभूषण, नकदी की जानकारी आने के बाद मुख्यमंत्री इस्तीफा कब देंगे।
अधिकारियों के घर से नकदी आभूषण व अनेक बेहिसाब चीजें मिलने के बाद भी उनके निलंबन की कार्रवाई क्यों नहीं हुई है। जो लोग सरकारी पदों पर या सरकार द्वारा मनोनित है और जिन पर जांच हुई है, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया क्यों नहीं गया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष डा राजीव सिंह, महामंत्री संतोष देवांगन, जिला मीडिया प्रभारी मनोज मिश्रा समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
कहां से आया इतना सोना व पैसा: कंवर
इस मौके पर पूर्व गृहमंत्री व विधायक ननकीराम कंवर ने कहा कि जिन अधिकारियों की शिकायत को आधार बनाकर मुख्यमंत्री ईडी पर कार्रवाई की बात कर रहे है, उनके घर 47 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी और चार किलो के सोने के आभूषण पाए गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और सरकार बताए कि अधिकारियों के पास इतना पैसे और सोना मिलने पर उन्हें आश्चर्य क्यों नहीं हुआ।



