
स्मृति ने कई बार इस बात को दोहराया कि गोपाल इटालिया ने जो भी कहा वह अरविंद केजरीवाल के आदेश पर ही कहा। स्मृति ने कहा, ”कोई भी प्रवक्ता कोई भी जनप्रतिनिधि बिना अरिवंद केजरीवाल के निर्देश पर एक शब्द नहीं बोलता। आपको यह शब्द भले ही गुजरात के किसी नेता का लगता हो, आदेश केजरीवाल का है। क्या पहली बार है कि इस नेता ने मर्यादा का उल्लंघन किया है। क्या केजरीवाल नहीं जानते कि किस तरह के बयान उनके नेता दे रहे हैं। यह जानबूझकर केजरीवाल के निर्देश पर पीएम मोदी की मां का अपमान किया गया। शब्द केजरीवाल के एक नेता के जरूर हों, आदेश केजरीवाल का था।”
स्मृति ने पूछा कि क्या आप अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस हद तक गिर सकते हैं? यह अंदर के चरित्र का प्रमाण है। स्मृति ने पूछा, ”उस 100 साल की महिला ने क्या पाप किया। उस 100 साल की महिला का राजनीति से क्या सरोकार। आपको हमला करना है तो जो राजनीतिक लोग हैं उन पर हमला करिए ना, एक 100 साल की मां पर आप हमला कर रहे हैं, दोबारा कहती हूं कि केजरीवाल के आदेश पर यह हुआ है। आपका कोई भी प्रतिद्वंद्वी हो आप किसी की मां को इस तरह गाली देंगे।
गुजरात में पीएम मोदी की मां पर बोलकर दिखाएं केजरीवाल: स्मृति
स्मृति ने कहा कि यह राजनीतिक विवशता नहीं है, यह चरित्र का प्रमाण है। हीरा बा का राजनीति से क्या लेना देना है। मंत्री ने कहा, ”आप मुझे बताएं कि नरेंद्र भाई ने कब जाति के आधार पर राजनीति की हो। आप के भी कोई प्रतिद्वंद्वी होंगे यह कैसे स्वीकार कर सकते हैं कि 100 साल की वृद्ध पर ऐसे हमले हों। चुनौती देती हूं कि गुजरात की धरती पर अपने मुंह से एक बार मोदी की मां को गाली दें। खुद को कृष्ण का अवतार कहते हैं, क्या कृष्ण ऐसे थे।”



