1. रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में बड़ा हादसा… सेप्टिक टैंक में गिरे तीन युवक, दो की मौत, एक गंभीर, परिजनों का हंगामा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में मंगलवार की देर रात दर्दनाक हादसा देखने को मिला। यहां के सिवरेज टैंक में सफाई करने उतरे तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद लोगों में काफी आक्रोश है। परिजन दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रोते-बिलखते रहे परिजन
इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। अस्पताल के गेट पर मृतकों के परिजन और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। हंगामा करते हुए परिजन अस्पताल के अंदर घुस गए। इस दौरान परिजन रोते-बिलखते रहे। बताया जाता है कि हॉस्पिटल के सिवरेज टैंक की सफाई के लिए तीन स्वीपर टैंक के अंदर उतरे थे। इस दौरान टैंक के अंदर जहरीली गैस होने की वजह से एक-एक कर तीनों स्वीपर की हालत बिगड़ने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
अस्पताल प्रबंधन ने खर्चा बचाने के लिए नियमों की घोर अनदेखी की। ट्रेंड मजदूरों की बजाय अनट्रेंड मजदूरों को सफाई करने के लिए उतारा गया। ऐसे में साफ जाहिर है कि यदि नियमों का पालन किया गया होता, तो इतना बड़ा हादसा होने से टाला जा सकता था।
सफाई के दौरान जहरीली गैस से हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन द्वारा सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए तीन युवकों को बुलाया गया था। सफाई के दौरान टैंक के अंदर मौजूद जहरीली गैस के कारण तीनों बेहोश होकर गिर पड़े। कुछ ही देर में स्थिति गंभीर हो गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को बुलाया गया, जिसने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला और तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दो की मौत, एक की हालत गंभीर
हादसे में गोविंद सेंद्रे (निवासी सिमरन सिटी), अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार गंभीर रूप से घायल हुए। देर रात तक मिली जानकारी के अनुसार, दो युवकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीसरे की हालत नाजुक बनी हुई है।
अस्पताल में मचा हंगामा
घटना की खबर मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रबंधन पर गंभीर आरोप
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि खर्च बचाने के लिए सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई। बिना किसी सुरक्षा उपकरण जैसे ऑक्सीजन मास्क, गैस डिटेक्टर या सेफ्टी किट के मजदूरों को सीधे सेप्टिक टैंक में उतार दिया गया। परिजनों का कहना है कि अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
नियमों के खिलाफ कराया गया काम
विशेषज्ञों के अनुसार, सेप्टिक टैंक की सफाई अत्यंत जोखिम भरा कार्य है। इसे आमतौर पर नगर निगम या प्रशिक्षित एजेंसी द्वारा आधुनिक उपकरणों और सुरक्षा उपायों के साथ किया जाना चाहिए।
पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
सूत्रों के मुताबिक, लगभग एक साल पहले अशोका बिरयानी में भी इसी तरह का हादसा हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी लगातार जारी रहना गंभीर चिंता का विषय है।
जांच शुरू, सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी और तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



