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मंच से किस औरंगजेब का बार-बार जिक्र कर रहे उद्धव ठाकरे, भाजपा से निपटने का क्या है प्लान

इन दिनों उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना का रुख थोड़ा बदला हुआ है। इन दिनों वह एक और औरंगजेब के बलिदान को याद कर रही है और माना जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय को लुभाने के लिए वह ऐसा प्रयास कर रही है।

मुंबई-  महाराष्ट्र की सियासत में शिवसेना की पहचान हमेशा एक कट्टर हिंदूवादी राजनीतिक दल के रूप में रही है। मुगल शासक औरंगजेब का जिक्र करते हुए वह हमेशा मराठा अस्मिता और शिवाजी महाराज के दौर की याद दिलाती रही है। हालांकि इन दिनों शिवसेना का रुख थोड़ा बदला हुआ है। इन दिनों वह एक और औरंगजेब के बलिदान को याद कर रही है और माना जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय को लुभाने के लिए वह ऐसा प्रयास कर रही है। दशहरे की रैली में भी शिवाजी पार्क से उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रीय राइफल्स के जवान औरंगजेब का जिक्र किया। औरंगजेब को जुलाई 2018 में जम्मू कश्मीर में आतंकियों ने किडनैप कर लिया था और उनकी हत्या कर दी थी।

क्या कांग्रेस के वोट पर है शिवसेना की नजर, क्या है प्लान

औरंगजेब का बार-बार जिक्र करके शिवसेना ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि उनसे उसकी कोई दुश्मनी नहीं है। यहां तक कि दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे ने साफ कहा कि हमारा हिंदुत्व भाजपा की तरह नहीं है। हमें औरंगजेब जैसे लोगों पर गर्व है। महाराष्ट्र की राजनीति को समझने वालों का कहना है कि शिवसेना चाहती है कि उसे हिंदुत्व से इतर भी कुछ वोट मिल सकें। इससे वह गैर-भाजपा मतदाताओं में पैठ बनाना चाहती है ताकि कमजोर पड़ी कांग्रेस का कुछ वोट हासिल हो सके। इससे वह भाजपा का मुकाबला करने की स्थिति में होगी, जो हिंदुत्व के मोर्चे पर उस पर पीछे हटने का आरोप लगाती रही है।

यह पहला मौका नहीं था, जब उद्धव ठाकरे ने औरंगजेब का जिक्र किया। इससे पहले जून में भी एक रैली के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा था, ‘हम कैसे औरंगजेब जैसे लोगों पर गर्व न करें, जिन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी थी। वह भले ही किसी भी समुदाय से रहे हों, लेकिन उन्होंने देश की रक्षा करते हुए जान दी। हमारा यही हिंदुत्व है।’

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