7. हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाती है हिलसा मछली, जानिए कैसे पोषक तत्वों का है खजाना

नवरात्रा के दौरान एक तरफ फलाहार भोजन का चलन बढ़ जाता है, तो वहीं पश्चिम बंगाल के लोगों को नवरात्रा में मछली के लजीज पकवानों का खास इंतजार रहता है. पिछले तीन सालों से दुर्गा पूजा फीकी रही है. इस बार दशहरा पूरे देश में धूम धाम और बिना रोक टोक के मनाया जा रहा है. ऐसे में दुर्गा पूजा का पंडाल सज चुका है और इसमें बंगालियों के लिए तरह-तरह की मछलियों के पकवानों का स्टॉल भी लग चुका है. इस बार बांग्लादेश से खास तौर पर हिलसा मछली मंगवाई गई. बंगालियों को यह मछली बेहद पसंद है. दरअसल, मीठे जल में पाई जाने वाली हिलसा मछली पोषक तत्वों का पावरहाउस है. हिलसा मछली हेल्थ के लिए बेहतरीन डाइट है. इसमें मौजूद पोषक तत्वों कई बीमारियों से हमें दूर रख सकते हैं.
हिलसा मछली में मौजूद पोषक तत्व
द डेली स्टार में छपे एक लेख में बांग्लादेश में यूनाइटेड अस्पताल की चीफ क्लिनिकल डाइटीशियन चौधरी तनसीम हसीन कहती हैं कि सौ ग्राम हिलसा मछली में 22 ग्राम प्रोटीन, 19.5 ग्राम फैट, पोलीसैचुरेटेड फैट ओमेगा 3 फैटी एसिड होते हैं. इसके अलावा हिलसा मछली में ईपीए और डीएचए ओमेगा फैटी एसिड भी पाया जाता है. साथ ही सौ ग्राम हिलसा मछली से हमें 27 प्रतिशत विटामिन सी, 204 प्रतिशत कैल्शियम और 2 प्रतिशत आइरन की प्राप्ति हो सकती है.
हार्ट और ब्रेन के फंक्शन को तेज करती है
चौधरी तनसीन हसीन कहती हैं कि हिलसा मछली के सेवन से हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, हाइपरटेंशन, कार्डिएक एरिथमिस, डाइबेट्स रूमेटोएड ऑर्थराइटिस, कैंसर और डिप्रेशन जैसी बीमारियों का जोखिम बहुत कम हो जाता है और ब्रेन का डेवलपमेंट भी सही से होता है. उन्होंने बताया कि हिलसा मछली में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड के कारण खून में मौजूद ट्राइग्लिसराइड की मात्रा कम हो जाती है जिससे ब्लड प्रेशर भी कम हो जाता है और हार्ट अटैक होने का खतरा कम हो जाता है. इससे खून के जमने की आशंका भी नहीं रहती है. हिलसा ब्रेन पावर को बढ़ाने के लिए भी बेहतरीन आहार है. वहीं इसके सेवन से इंसुलिन भी संतुलित रहता है.
हिलसा में मौजूद विटामिन ए और ओमेगा 3 फैटी एसिड आंखों की हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है. हिलसा मछली का सेवन करने से ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है. हिलसा में विटामिन ए, डी और ई भी पाए जाते हैं जो बहुत कम फूड में मिलते हैं. इससे रंतौधी की बीमारी नहीं होती और बच्चों में इसका सेवन करने से रिकेटस की बीमारी भी नहीं लगती. इतना ही नहीं हिलसा मछली में आयोडीन, सेलेनियम, जिंक, पोटैशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं जो थायरायड ग्लैंड को हेल्दी रखते हैं. थायराइड ग्लैंड से एंजाइम निकालने में मदद करता है जो एंजाइम कैंसर से लड़ने के लिए बेहद कारगर है. हिलसा मछली में मौजूद फॉस्फोरस और कैल्शियम के कारण हमारी बोन हेल्थ भी मजबूत होती है.



