3. सीएम ने किया “चेंदरू, द टाइगर बॉय” की प्रतिमा का अनावरण, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर : छत्तीसगढ़ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टाइगर ब्वाय चेंदरू की मूर्ति का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अनावरण किया। समृति चिन्ह के रूप में चेंदरू और टेंबू टाइगर का पर्यटन मंडल उपयोग करेगा। दरअसल सीएम भूपेश बघेल आज विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित टूरिज्म कांक्लेव 2022 में शामिल हुए। वहीं बच्चों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन से जोड़ने और बढ़ावा देने के लिए टाकिंग कामिक्स की लांचिंग भी की। मुख्यमंत्री ने डायमंड बुक्स के द्वारा बनाई गई कामिक्स का भी विमोचन किया है।
बाघ और चेंदरू की दोस्ती की कहानी मशहूर
बता दे कि अबूझमाड़ के घनघोर जंगल में आदिवासियों के विभिन्न जनजाति के लोग आज भी मौजूद हैं जो अपनी बहादुरी के किस्से के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। उनमें से ही एक थे छत्तीसगढ़ के ‘द टाइगर बॉय चेंदरू’। चेंदरू की मौत साल 2013 में 78 साल की उम्र में हो गई, लेकिन बाघ और चेंदरू की दोस्ती की कहानी आज भी मशहूर है। चेंदरू पूरी दुनिया में 60 के दशक में बेहद ही मशहूर था। आदिवासी युवक चेंदरू मंडावी बचपन में हमेशा बाघ के साथ ही खेला करता था और उसी के साथ ही अपना अधिकतर समय बिताता था। बता दे कि चेंदरू बस्तर का मोगली बॉय के नाम से मशहूर था।
इनके जीवन का सबसे अच्छा पहलू उसकी टाइगर से दोस्ती थी। हमेशा दोनों एक साथ ही रहते थे। दोनों साथ ही खाना खाते थे और साथ ही खेलते थे। करीब 10 साल की उम्र में रहे चेंदरू और शेर टाइगर की दोस्ती की कहानी पर बनी मूवी का नाम ‘द जंगल सागा’ है जो आगे जाकर ऑस्कर विनिंग फिल्म बनी। इसमें बस्तर का चेंदरू हीरो था। लगभग 75 मिनट की मूवी ‘द जंगल सागा’ जब पूरे यूरोपीय देशों के सेल्यूलाइट पर्दे पर चली तो लोग चेंदरू के दीवाने हो गए और चेंदरू रातों-रात हॉलीवुड स्टार हो गया।



