1. नक्सलियों का हुआ ह्रदयपरिवर्तन, दो लाख के इनामी सहित पांच नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

सुकमा. दो लाख के ईनामी मिलिट्री प्लाटून नं. 10 के सदस्य सहित जगरगुण्डा एरिया में सक्रिय 05 नक्सलियों ने छग शासन के पुनर्वास नीति प्रभावित होकर पुलिस एवं अधिकारियों के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। जिले में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सली संगठन में सक्रिय 05 नक्सलियों पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष आत्म समर्पण किया।
आत्मसमर्पित नक्सली प्लाटून नम्बर 10 सदस्य माड़वी जोगा, नेन्ड्रा आरपीसी जंगल कमेटी अध्यक्ष मुचाकी देवा, मिलिशिया डीप्टी कमाण्डर माड़वी माड़ा, जंगल कमेटी सदस्य मुचाकी कोसा, विकास कमेटी सदस्य कट्टम हडमा ने रविवार को सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी सुनील शर्मा, सीआरपीएफ 219 वाहिनी द्वितीय कमान अधिकारी सूर्यकांत सिंह, कोन्टा एएसपी गिरिजा शंकर साव के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। आत्म समर्पित नक्सली प्लाटून नम्बर 10 सदस्य माड़वी जोगा, वर्ष 2014 में पिडमेल मुठभेड 07 जवान शहीद, वर्ष 2017 बुरकापाल एम्बुश 25 जवान शहीद, वर्ष 2020 मिनपा मुठभेड़ 17 जवान शहीद, वर्ष 2021 बीजापुर में गलगम मुठभेड़ 02 जवान शहीद के घटना में शामिल था।
शेष अन्य आत्मसमर्पित नक्सली थाना भेजी क्षेत्र में घटित रोड खोदना, स्पाईक लगाना, नक्सली पर्चा लगाना, आइईडी लगाने जैसे विभिन्न गतिविधियों में सम्मिलित रहे हैं। सभी आत्मसर्पित नक्सलियों को आत्मसमर्पण कराने में उप कमाण्डेंट जयराम प्रसाद, पार्थ सारथी, भेज्जी थाना प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र ठाकुर, हेमंत पटेल डीआरजी कमाण्डर का विशेष योगदान रहा। आत्मसमर्पित नक्सली को छत्तीसगढ़ शासन की पुर्नवास योजना के तहत प्रोत्साहन राशि व अन्य सुविधाएं प्रदान किए जाएंगे।
नक्सलियों के मिलिट्री प्लाटून नं. 10 के सदस्य माड़वी जोगा दो लाख का इनामी नक्सली सहित पांच नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया। अन्य चार नक्सलियों पर 10-10 हजार का ईनाम घोषित था, ये सभी आत्म समर्पित नक्सली कई बड़ी नक्सल घटनाओं में शामिल थे। उन्होंने नक्सलियों से अपील करते हुए कहा नक्सलवाद व हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज के मुख्यधारा में लौट आए।
सुनील शर्मा, एसपी



