छत्तीसगढ़

जनशिकायत पर तत्काल एक्शन: चौबे कॉलोनी में नाली पर बना अवैध पाटा निगम ने तोड़ा, निर्माणकर्ता पर ₹25 हजार जुर्माना

नाली पर अवैध पाटा तोड़ा, तो वार्ड 36 में तीन नोटिस के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?

एम. डी. आरिफ की रिपोर्ट…

रायपुर। नगर निगम जोन क्रमांक 7 ने जनशिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चौबे कॉलोनी–समता कॉलोनी मुख्य मार्ग पर निर्माणाधीन व्यवसायिक परिसर के सामने नाली पर बनाए गए अवैध पाटे को जेसीबी की सहायता से तोड़ दिया। निगम ने संबंधित निर्माणकर्ता/भवन स्वामी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
यह कार्रवाई रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर की गई। जोन कमिश्नर डॉ. तृप्ति पाणीग्रही के मार्गदर्शन में नगर निवेश विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और जनशिकायत को सही पाए जाने के बाद तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की।
कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता नगर निवेश कमलेश मिथलेश एवं उपअभियंता नगर निवेश प्रेरणा अग्रवाल की उपस्थिति में जेसीबी के माध्यम से नाली पर निर्मित अवैध पाटा हटाया गया। साथ ही संबंधित निर्माणकर्ता के विरुद्ध 25 हजार रुपये की दंडात्मक कार्रवाई की गई।

जनता की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई, जोन कमिश्नर को साधुवाद
नगर निगम जोन 7 की इस कार्रवाई को जनहित की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आमतौर पर नाली और सार्वजनिक मार्ग से जुड़े अतिक्रमणों को लेकर नागरिकों को कार्रवाई के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इस मामले में शिकायत मिलने के बाद जोन स्तर पर त्वरित कार्रवाई कर नाली को अवरोध से मुक्त कराया गया।

नाली पर अवैध पाटा तोड़ा, तो वार्ड 36 में तीन नोटिस के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
रायपुर। जोन क्रमांक 7 द्वारा चौबे कॉलोनी में नाली पर बनाए गए अवैध पाटे के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और ₹25 हजार जुर्माने की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के बाद अब वार्ड नंबर 36 के तीन मंजिला व्यावसायिक परिसर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार संबंधित भवन को आवासीय प्रयोजन के लिए भवन अनुज्ञा दी गई है, जबकि मौके पर तीन मंजिला व्यावसायिक परिसर होने और कथित अवैध निर्माण को लेकर तीन बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक विधिवत कार्रवाई नहीं होने को लेकर नागरिकों के बीच सवाल उठ रहे हैं।
सवाल यह है कि एक मामले में शिकायत मिलते ही जेसीबी और जुर्माने की कार्रवाई हो सकती है, तो वार्ड 36 में तीन नोटिस के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं? क्या नियम सभी के लिए समान हैं?
अब देखना होगा कि जोन 7 के अधिकारी इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करते हैं।

जनशिकायत को गंभीरता से लेते हुए मौके पर कार्रवाई करने और निगम की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए जोन कमिश्नर डॉ. तृप्ति पाणीग्रही को साधुवाद।
यह कार्रवाई यह संदेश भी देती है कि सार्वजनिक नालियों और मार्गों पर नियम विरुद्ध निर्माण अथवा अवरोध को निगम द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा और शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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