2. हत्या के मामले में आरोपी किशोर को हाई कोर्ट ने दी जमानत, कहा- सिर्फ जेल में रखने से नहीं सुधरेंगे बच्चे, पढ़ाई से जोड़ना जरूरी

बिलासपुर। हाई कोर्ट ने बाल अपराध और न्याय के मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की एकल पीठ ने हत्या और साक्ष्य छुपाने के मामले में शामिल एक किशोर को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि किसी किशोर की जमानत केवल गंभीर अपराध के आधार पर नहीं रोकी जा सकती।
कोर्ट ने सोशल स्टेटस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जेल में रहने से बच्चे की पढ़ाई बाधित हो रही है, और उसे शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है। मामला जांजगीर-चांपा जिले का है, जहां छह सितंबर 2025 को नौ आरोपितों ने मिलकर महेंद्र बघेल की हत्या की थी।
इससे पहले, किशोर न्याय बोर्ड और जिला न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मामले में कोई सीधा सबूत नहीं है और किशोर का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
जमानत रोकने का कोई वैध कारण नहीं है- कोर्ट
हाई कोर्ट ने जमानत का विरोध करने वाले राज्य सरकार के अधिवक्ता के तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि जमानत रोकने का कोई वैध कारण नहीं है। कोर्ट ने किशोर को उसके माता-पिता की सुपुर्दगी में सौंपने का आदेश दिया, साथ ही 25,000 रुपये का मुचलका और गलत संगत से दूर रखने का हलफनामा देने की शर्त रखी।



