छत्तीसगढ़

7. रायपुर में कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर 21 जून से शुरू, जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग देंगे राहुल गांधी

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 21 जून से कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर शुरू हो रहा है. यह शिविर 10 दिन चलेगा. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी नव-नियुक्त जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देने के लिए रायपुर आ रहे हैं. वह 21 जून को दोपहर दो बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे. राहुल गांधी 2:45 बजे बाय रोड अभनपुर पहुंचेंगे. वह शाम 5:30 बजे तक जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देंगे. राहुल गांधी शाम 6:40 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे. कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर की तैयारियों में जुट गई है.
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रशिक्षण शिविर को लेकर कहा कि संगठन सृजन के तहत बनाए गए नव-नियुक्त जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग होने जा रही है. अभनपुर के अग्रवाल रिजॉर्ट में ट्रेनिंग होगी. जिला अध्यक्षों को फील्ड विजिट, सकारात्मक, सामाजिक और राजनीतिक एक्टिविटी की ट्रेनिंग दी जाएगी. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग देने के लिए रायपुर आ रहे हैं. उनके साथ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट और तीनों प्रभारी सचिव भी शिविर में मौजूद रहेंगे. लंबे वक्त बाद कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व एक जगह पर दिखाई देगा, जिससे कार्यकर्ताओं में जोश देखने को मिल सकता है.
बूथ लेवल को मजबूत करेगी कांग्रेस
बताते चलें कि विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी ने बूथ स्तर की कमजोरियों को अपनी सबसे बड़ी चुनौती माना है. पार्टी नेताओं का मानना है कि मजबूत संगठन और सक्रिय जिला नेतृत्व के बगैर सत्ता में वापसी संभव नहीं है. इसी के चलते संगठन सृजन अभियान के तहत नव-नियुक्त जिलाध्यक्षों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा.
2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी
गौरतलब है कि कांग्रेस का यह प्रशिक्षण शिविर केवल नए जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग नहीं बल्कि 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी का ब्लूप्रिंट भी है. कांग्रेस बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन को एक्टिव कर बीजेपी के मुकाबले मजबूत राजनीतिक जमीन तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है. 2023 में मिली हार के बाद कांग्रेस अब आत्ममंथन कर संगठन को धार देने की तैयारी में जुटी है. अभनपुर में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि मिशन 2028 की नींव माना जा रहा है. कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी की मौजूदगी और शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन के बीच यह संदेश देने का प्रयास करेगी कि अगली लड़ाई केवल चुनाव की नहीं बल्कि संगठन के पुनर्निर्माण की भी है.

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