THD होटल और अमोरा पार्क पर आखिर कब चलेगा बुलडोजर,आयुक्त संबीत मिश्रा के सामने बड़ी चुनौती, क्या टूटेगा भ्रष्टाचार का नेटवर्क?

रायपुर। रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक 10 और जोन क्रमांक 6 से जुड़े दो बहुचर्चित मामलों ने नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गरीबों पर तत्काल बुलडोजर चलाने वाला निगम अमीर और रसूखदार लोगों को लगातार “तारीख पर तारीख” देकर बचाने का काम कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, जोन क्रमांक 10 अंतर्गत अमोरा पार्क और प्रोग्रेसिव पॉइंट स्थित THD होटल पर अवैध अतिक्रमण कर भवन निर्माण एवं व्यवसाय संचालन किए जाने की शिकायत नगर निगम में की गई थी। शिकायत के बाद निगम अधिकारियों द्वारा दोनों संस्थानों को लगातार नोटिस जारी किए गए, लेकिन अब तक संचालकों द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसके बावजूद जोन क्रमांक 10 के अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार की ठोस वैधानिक कार्रवाई नहीं किया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि यही मामला किसी गरीब या आम नागरिक का होता तो अब तक बुलडोजर कार्रवाई हो चुकी होती, लेकिन रसूखदारों के मामले में निगम प्रशासन नरमी बरत रहा है। इस पूरे प्रकरण की शिकायत रायपुर नगर निगम के नव नियुक्त आयुक्त संबीत मिश्रा से की गई, जिस पर उन्होंने मामले को गंभीरता से देखने और शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
वहीं जोन क्रमांक 6 से भी भेदभावपूर्ण कार्रवाई का एक मामला सामने आया है। आवेदक विनय कुमार ताम्रकार का आरोप है कि उनके घर की सीढ़ी को निगम ने यह कहते हुए तोड़ दिया था कि वह गली पर अतिक्रमण है। लेकिन उसी स्थान पर दूसरे व्यक्ति द्वारा भवन निर्माण और शौचालय निर्माण किए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
शिकायत के बाद संबंधित व्यक्ति को जोन क्रमांक 6 के जोन कमिश्नर हितेंद्र यादव द्वारा लगातार तीन नोटिस जारी किए गए, लेकिन कार्रवाई आज तक लंबित है। इससे नगर निगम की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि आखिर एक ही गली में अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग कानून क्यों लागू किए जा रहे हैं?
इन दोनों गंभीर मामलों को लेकर शिकायतकर्ताओं ने नव नियुक्त आयुक्त संबीत मिश्रा से निष्पक्ष जांच एवं कठोर कार्रवाई की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर निगम की बिगड़ी हुई छवि को सुधारने का दावा करने वाले नए आयुक्त इन मामलों में कब तक कार्रवाई करते हैं।
गौरतलब है कि रायपुर की वर्तमान महापौर मीनल चौबे पहले ही स्पष्ट शब्दों में कह चुकी हैं कि नगर निगम में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार और भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे में जनता की नजर अब निगम प्रशासन पर टिकी हुई है।
क्या अमीरों पर भी चलेगा निगम का बुलडोजर?क्या नोटिस के बाद होगी सख्त कार्रवाई?या फिर चलता रहेगा “तारीख पर तारीख” का खेल?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में साफ हो जाएंगे।”अमन प्रकाश न्यूज़ ” इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है और आने वाले अंक में इस प्रकरण की हर बड़ी अपडेट आपके सामने रखी जाएगी।





