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7. भीषण गर्मी शरीर के साथ दिमाग पर भी डाल रही असर, हीटवेव के चलते माइग्रेन की समस्या बढ़ी, एक्सपर्ट ने दी सलाह

चिलचिलाती धूप और लू का असर अब केवल त्वचा या शरीर की बाहरी सतह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सीधे दिमाग को भी प्रभावित कर रहा है। बढ़ते तापमान के कारण लोगों में सिरदर्द, चक्कर और मानसिक थकान की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं।

विशेषज्ञ की चेतावनी

नई दिल्ली के पीएसआरआई अस्पताल के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भास्कर शुक्ला के अनुसार, लोग अक्सर सिरदर्द को थकान, कम नींद या ज्यादा स्क्रीन टाइम का परिणाम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि वास्तविकता में यह भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान का गंभीर संकेत हो सकता है।

डिहाइड्रेशन का दिमाग पर असर

तेज गर्मी के दौरान शरीर को अपने तापमान को संतुलित रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होने लगता है। इसका सीधा असर दिमाग पर पड़ता है। पानी की कमी के कारण दिमाग तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे सिर भारी लगना, चक्कर आना और लगातार सिरदर्द जैसी समस्याएं पैदा होती हैं।

माइग्रेन के लिए बढ़ता खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक तापमान माइग्रेन के लिए ट्रिगर का काम करता है। तेज धूप और उमस के कारण मानसिक तनाव बढ़ता है, जिससे चिड़चिड़ापन, थकान और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है। यही कारण है कि हीटवेव के दौरान माइग्रेन के अटैक के मामलों में तेजी देखी जा रही है।

इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन बना वजह

लंबे समय तक धूप में रहने और पर्याप्त पानी न पीने से शरीर से जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स पसीने के जरिए बाहर निकल जाते हैं। यह असंतुलन सिरदर्द को बढ़ाता है। खासतौर पर बाहर काम करने वाले लोग या लंबे समय तक यात्रा करने वाले लोग इस समस्या की चपेट में ज्यादा आते हैं।

बचाव के उपाय

विशेषज्ञों ने गर्मी और सिरदर्द से बचने के लिए कुछ जरूरी उपाय बताए हैं। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखना, हल्का और ठंडा भोजन करना और लंबे समय तक तेज धूप के संपर्क से बचना बेहद जरूरी है।

लापरवाही पड़ सकती है भारी

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि सिरदर्द को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। यदि सिरदर्द के साथ कमजोरी, चक्कर या उल्टी जैसे लक्षण दिखें, तो यह हीटवेव के दिमाग पर असर का संकेत हो सकता है। ऐसे में समय रहते सावधानी बरतना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

 

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