छत्तीसगढ़

135 दिनों बाद जागी पुलिस, 39 लाख की धोखाधड़ी में FIR दर्ज, DGP-SP से गुहार के बाद हुई कार्रवाई

रायपुर, 29 मार्च 2026।
राजधानी रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 39 लाख रुपये की बड़ी व्यापारिक धोखाधड़ी के बावजूद पीड़ित को न्याय पाने के लिए 135 दिनों तक इंतजार करना पड़ा। आखिरकार, पुलिस महानिदेशक (DGP) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की।

📌 क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुनानक चौक निवासी मोहम्मद शाहनवाज (29 वर्ष) ने 23 जून 2021 को इमरान नवाब (42 वर्ष) के साथ एचडीडी (HDD) मशीन खरीदने का सौदा किया था। इस सौदे के तहत शाहनवाज ने आरोपी को अलग-अलग किश्तों में कुल 39 लाख रुपये का भुगतान किया।
भुगतान की अंतिम तिथि 3 अप्रैल 2024 तय थी, लेकिन पूरी रकम लेने के बावजूद आरोपी ने न तो मशीन दी और न ही पैसे लौटाए।
⚠️ पुलिस की उदासीनता बनी बड़ी बाधा
पीड़ित ने काफी समय पहले ही मौदहापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस की लापरवाही के चलते महीनों तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आखिरकार, थक-हारकर पीड़ित ने मामले को DGP और SP कार्यालय तक पहुंचाया। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप और सख्ती के बाद 135 दिनों की लंबी देरी के पश्चात पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया।


⚖️ किन धाराओं में मामला दर्ज?
मौदहापारा पुलिस ने आरोपी इमरान नवाब के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा:
420 (धोखाधड़ी)
406 (आपराधिक विश्वासघात)
506 (आपराधिक धमकी)
के तहत FIR दर्ज की है।
🚨 धमकियों का भी आरोप
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इतना ही नहीं, सबूत मिटाने, एग्रीमेंट और चेक फाड़ने तथा जान से मारने तक की धमकियाँ भी दी गईं।
❓ उठ रहे बड़े सवाल
यह मामला केवल धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर एक इतने बड़े आर्थिक अपराध में FIR दर्ज करने में 135 दिनों का समय क्यों लगा?
👉 अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में आगे कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करती है।

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