3. 48 घंटे तक खून के लिए भटकते रहे माता पिता, 22 वर्षीय युवती की मौत

दुर्ग: जिला अस्पताल में इलाज करा रही 22 वर्षीय युवती की मौत हो गई. युवती का नाम दीपिका है, उसके माता पिता श्रमिक है. युवती ने सिर्फ इसलिए दम तोड़ दिया क्योंकि उसे समय पर खून नहीं मिल सका. दीपिका के शरीर में खून की भारी कमी थी, जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
दुर्ग जिला अस्पताल में नहीं मिला मरीज को खून
दरअसल बेटी की जान बचाने के लिए बेबस माता-पिता लगातार 48 घंटों तक अस्पताल के चक्कर काटते रहे और खून के लिए डोनर की तलाश करते रहे. परिजनों का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़े, मिन्नतें कीं और गिड़गिड़ाए, लेकिन न तो उन्हें कोई डोनर मिला और न ही जिला अस्पताल के ब्लड बैंक से रक्त की व्यवस्था की गई.
खून नहीं मिलने से युवती की मौत
आखिरकार सोमवार दोपहर जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए दीपिका ने दम तोड़ दिया .युवती की मौत के बाद अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया. बेटी को खोने के गम में मां जमीन पर गिरकर बेहोश हो गई, वहीं पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.मृतक दीपिका ने 12वीं के बाद आईटीआई की पढ़ाई पूरी की थी और अपने गरीब माता-पिता का सहारा बनने के लिए एक कपड़े की दुकान में काम कर रही थी.
डोनर नहीं था जो एक या दो यूनिट ब्लट दिया जा सकता था. उनको मेरे पास आना चाहिए था, बल्ड चढ़ा दिया जाता तो मरीज बच सकती थी- आशीषन मिंज, सिविल सर्जन जिला अस्पताल
वहीं युवती की मौत के बाद सिविल सर्जन आशीषन मिंज ने कहा कि घटना की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा और रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी.



