छत्तीसगढ़

8. थायरॉयड का खतरनाक लेवल में बढ़ना हड्डियों को भी लगता है गलाने, इन 7 संकेतों से करें इसकी पहचान

थायरॉइड गले में स्थित एक ग्रंथि है जो विंडपाइप में लिपटा रहता है. यह तितली के आकार का होता है. तिलली की तरह ही बीच में छोटा और दोनों तरफ पंख की तरह गले में स्थित रहता है. इसे थायरॉयड ग्लैंड भी कहा जाता है. थायरॉयड बेशक छोटे आकार का हो लेकिन इसका काम बहुत बड़ा है. थायरॉयड ग्लैंड से थायरॉयड हार्मोन निकलता है जो पूरे शरीर के कई महत्वपूर्ण फंक्शन को कंट्रोल करता है. अगर थायरॉयड सही से काम नहीं करेगा तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ेगा. थायरॉयड हार्मोन अगर थोड़ा सा बढ़ जाए तो भी परेशानी होती है और घट जाए तो भी परेशानी है.

जब थायरॉयड हार्मोन सामान्य से बढ़ जाए तो इसे हाइपरथायरॉडिज्म कहते हैं जबकि अगर यह घट जाए तो इसे हाइपोथायरॉडिज्म कहते हैं. यानी दोनों स्थिति में यह खराब है. आमतौर पर यह समझा जाता है कि जब थायरॉयड बढ़ता है तब एंग्जाइटी, वेट लॉस, ग्वाइटर, मसल्स वीकनेस जैसी समस्याएं होती है लेकिन यदि थॉयराइड का लेवल बढ़ जाता है तो इससे हड्डियों को भी काफी नुकसान होता है.

थायरॉयड बढ़ने पर क्या होती है परेशानी
टीओआई के मुताबिक दरअसल, जब थायरॉड का लेवल बढ़ता है तो यह मेटाबोलिज्म को बहुत तेज कर देता है जिससे अचानक वजन घटने लगता है. अगर जल्दी से थायरॉयड का इलाज न किया जाए तो हार्ट बीट और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. इसके साथ ही इंफर्टिलिटी की समस्या हो जाती है. ये बातें अधिकांश लोग जानते हैं लेकिन जो बातें लोग नहीं जानते हैं वो ये है कि अगर थायरॉयड का लेवल ज्यादा हो जाए तो इसका असर हड्डियों पर भी ज्यादा होता है. जब थायरॉयड का लेवल ज्यादा बढ़ जाता है तब मेटाबोलिज्म की दर बहुत बढ़ जाती है. इससे हड्डियों में मिनिरल्स की जो डेंसिटी होती है, उसका क्षय होने लगता है. हालांकि अचानक एक ही दिन में ऐसा नहीं होता. यहां तक पहुंचने के लिए समय लगता है. इसलिए अगर इलाज समय पर करा लिया जाए तो हड्डियों के नुकसान होने से बचाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो इससे पहले शरीर में कुछ संकेत दिखने लगते हैं.

थायरॉयड की बीमारी से हड्डियां कमजोर होने के ये हैं संकेत

अगर थायरॉयड बढ़ जाए तो अचानक वजन कम होने लगता है.
थायरॉयड बढ़ने पर बेचैनी और डिप्रेशन भी तेज हो जाता है.
हमेशा चिड़चिड़पन रहता है.
थायरॉयड बढ़ने पर बेचैनी बढ़ जाती है.
थायरॉयड बढ़ने पर हीट से परेशानी होने लगती है.
थायरॉयड जब किसी को बढ़ जाए तो धड़कनें तेज होने लगती है.
हाथ-पैर में थरथराहट होने लगती है.
थायरॉयड बढ़ने पर बाल तेजी से पतले होकर गिरने लगते हैं.

क्या इलाज है इसका
ब्लड टेस्ट से पता चलता है कि थायरॉयड है या नहीं. अगर थायरॉयड बढ़ गया है तो कैल्शियम और विटामिन डी सप्लीमेंट से इसे ठीक किया जाता है लेकिन इसे डॉक्टर से दिखाना जरूरी है.

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