7. वायरल फीवर का ना करें खुद से इलाज, गलत दवाइयों से बिगड़ सकती है सेहत, जा सकती है जान!

आई फ्लू (Eye Flu) का खतरा अभी पूरी तरीके से टला भी नहीं था कि अब वायरल बुखार लोगों को डराने लगा है. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में वायरल बुखार व खांसी के मरीजों की संख्या दोगुनी रफ्तार से बढ़ने लगी है. यहां सरकारी और निजी अस्पतालों में खांसी और तेज बुखार के लक्षणों के साथ मरीज लगातार पहुंच रहे हैं.
गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल में रोजाना तीन से चार हजार वायरल बुखार पीड़ित मरीज पहुंच रहे है. बुखार के बाद मरीजों को गले में खराश और लंबी अवधि तक खासी की समस्या का सामना करना पड़ा है. साथ ही, कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं को लेकर मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है. न्यूज 18 लोकल ने जिला एमएमजी अस्पताल में ग्राउंड जीरो पर जाकर स्थिति का जायजा लिया. हमने देखा कि अस्पताल में एक बेड पर एक ही मरीज भर्ती किया गया है. जिनकी डॉक्टरों के द्वारा देख-रेख भी की जा रही है.
अस्पताल में बनाया वायरल फीवर का अलग वार्ड
जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस मनोज चतुर्वेदी ने न्यूज 18 लोकल को बताया की मरीजों को किसी भी बात से डरने की जरूरत नहीं है. कॉविड प्रोटोकॉल की तरह ही वायरल इंफेक्शन से बचने के लिए मास्क लगाना और हाथ धोते रहना अनिवार्य है. जिला एमएमजी अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या देख वायरल फीवर के लिए एक अलग से 15 बेड का वार्ड बना दिया गया है. इसके अलावा आने वाले मरीजों की डेंगू इत्यादि की जांच भी की जा रही है. हमारे पास पर्याप्त दवाई और ब्लड बैंक में ब्लड भी मौजूद है.
वायरल फीवर में ना बने खुद के डॉक्टर



