8 जिलों में 60 गौवंश लंपी की चपेट में 13 ग्वालियर में
लंपी के प्रकोप से बचाव काे लेकर जैसे जैसे वैक्सीनेशन बढ़ रहा है। ठीक वैसे ही लंपी का प्रकोप कम हो रहा है। खासकर उन जिलों में लंपी के केस कम हुए हैं जहां पर शुरुआत में लंपी वायरस की चपेटमें गौवंश तेजी से आ रहा था।

ग्वालियर। लंपी के प्रकोप से बचाव काे लेकर जैसे जैसे वैक्सीनेशन बढ़ रहा है। ठीक वैसे ही लंपी का प्रकोप कम हो रहा है। खासकर उन जिलों में लंपी के केस कम हुए हैं जहां पर शुरुआत में लंपी वायरस की चपेटमें गौवंश तेजी से आ रहा था। पशु विभाग द्वारा फैलाई जा रही जनजागृति और पशु पालकों द्वारा बरती जा रही सावधानी का असर अब देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि ग्वालियर चंबल अचंल के सभी 8 जिलों में रविवार को महज 60 केस सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि लंपी की चपेट में आने वाले किसी गौवंश की मौत् नहीं हुई। बहोड़ापुर में जिस नंदी की मौत हुई है पशु विभाग के अनुसार उसमें लंपी की पुष्टी नहीं हुई है। ग्वालियर में लंपी के महज 13 केस सामने आए हैं। पशु विभाग द्वारा रोग की सूचना देने के लिए हेल्प् लाइन नंबर 0751-2991177 जारी किया है। जिससे पशु पालक बीमारी की जानकारी इस नंबर पर देकर पशु विभाग से मदद ले सकें।
क्वारंटाइन सेंटर फुल
लंपी वायरस के संदिग्ध गौवंश को रखने के लिए बंधौली व बरैठा में दो क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए। जिसमें 100-100 गौवंश काे रखने की जगह उपलब्ध है। दोनों ही क्वारंटाइन सेंटर में गौवंश की संख्या 100-100 से अधिक हो चुकी है। पशु विभाग अब नए क्वारंटाइन सेंटर बनाने की दिशा में कदम उठाने पर विचार कर रहा है। हालांकि पशु विभाग का कहना हैकि बीमार से अधिक अब गाैवंश स्वस्थ्य हो रहा है। इसलिए शायद ही नया क्वारंटाइन सेंटर बनाने की आवश्यकता पड़े।
1लाख 48 टीका लगे
गौवंश में टीकाकरण की संख्या डेढ़ लाख के करीब जा पहुंची है। आठ जिलों में 1 लाख 48 हजार 24 पशुओं को टीका लग चुका है। हालांकि टीकाकरण की रफ्तार अब भी धीमी है। जितनी तेजी से टीकाकरण होगा उतनी जल्दी रोग से गौवंश को छुटकरा मिल सकेगा। पशु विभाग टीकाकरण में तेजी लाने का दावा कर रहा है।
कहां पर कितने लंपी के मरीज-
जिला गांव लंपी के शिकार कुल संक्रमित
- ग्वालियर 101 13 255
- दतिया 21 02 24
- शिवपुरी 153 18 123
- गुना 15 00 21
- अशोकनगर 05 00 06
- भिंड 115 09 96
- मुरैना 485 14 1642
- श्योपुर 82 04 203
इनका कहना है-
हेल्प लाइन नंबर जारी किया हैै। जिस पर लंपी के संबंध में पशु पालक जानकारी दे सकें और उपचार के लिए मदद ले सकेंगे। इसके लिए डाक्टरों की टीम निर्धारित की गई है। वैक्सीनेशन जिस गति से बढ़ रहा है उससे लंपी वायरस का प्रकोप भी घट रहा है। जल्द ही इस रोग पर काबू पा लिया जाएगा।
डा अशोक तोमर, संयुक्त संचालक, पशु विभाग



