छत्तीसगढ़

7. कोटसरी गांव के झाड़ियों में मिली नवजात, जन्म के साथ ही छोड़ दिया था झाड़ियों में

बलरामपुर जिले के डबरा पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम कोटसरी गांव में मां की ममता शर्मसार हुई है। आखिर एक मां इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है कि अपने कोख से जन्म लेने वाली बच्ची को घने जंगल के बीच झाड़ियों में मरने के लिए छोड़ सकती है।

अंबिकापुर।  बलरामपुर जिले के डवरा पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम कोटसरी के झाड़ियों में नवजात मिली है। रोने की आवाज सुनकर लोगों की नजर उस पर पड़ी। नवजात को जन्म के कुछ घण्टे बाद ही झाड़ियों में फेंक दिए जाने की संभावना है। चाइल्ड लाइन और पुलिस की मदद से नवजात को जिला अस्पताल बलरामपुर के नवजात गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया है।

शुक्रवार की सुबह कोटसरी गांव के कुछ लोग जंगल जा रहे थे। जंगल जाने वाले रास्ते के किनारे झाड़ियों में उन्हें नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। लोग जब वहां पहुंचे तो देखा कि कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची थी। उसे देखकर लग रहा था कि जन्म के साथ ही उसे झाड़ियों में रख दिया गया था।

उसके शरीर में घास फूंस और पेड़ों की पत्तियां गिरी हुई थी। नवजात लगातार रो रही थी। बीएमओ बलरामपुर को सूचना देने के बाद चाइल्ड लाइन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। नवजात को तत्काल जिला चिकित्सालय बलरामपुर ले जाया गया। यहां साफ-सफाई के बाद उसका उपचार किया जा रहा है।

 

 

 

 

जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू में उसे भर्ती किया गया है। चिकित्सकों ने बताया कि नवजात को जब यहां लाया गया था तो उसके शरीर में कहीं- कहीं पत्ते लगे हुए थे। शरीर में चोट नहीं थे। जिसे तत्काल साफ करते हैं।उसका इलाज शुरू किया गया है। नवजात अब खतरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि नवजात को सही समय पर अस्पताल लाने से उपचार शुरू हो सका।

 

 

 

 

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि नवजात को झाड़ियों में फेकने वाले उसी गांव के हैं या दूसरे ग्राम के। मामले में डवरा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। नवजात को जन्म देने वाली महिला तथा फेंकने वालों की पहचान सुनिश्चित करने गांव वालों की मदद ली जा रही है।

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