छत्तीसगढ़

5. गंगरेल बांध में गोवा जैसा नजारा, मनोरम दृश्यों को निहारने दूर-दराज से आ रहे सैलानी

गंगरेल समेत चारों बांधाें में अब तक करीब 4 टीएमसी पानी भर चुका है। ऐसे में बांध क्षेत्र में खूबसूरत नजारों को निहारने के लिए सैलानियों की भीड़ लग रही। शनिवार और रविवार को छुट्टी के दिन धमतरी के अलावा मंगलवार को मध्यप्रदेश, बिहार, राजस्थान समेत अन्य प्रदेश और जिले के सैलानी यहां पहुंच रहे हैं। माता अंगारमोती की दर्शन करने के लिए मध्यप्रदेश के रीवां जिले से पहुंचे प्रद्युमन जैन, अंकित तिवारी, अनामिक शर्मा, ज्योति वारी ने बताया कि माता की महिमा दूर-दूर तक फैली हुई है।यहां एडवेंचर और अंटार्कटिका वाटर स्पोर्ट्स के बारे में खूब सूना था।

यही वजह है कि वे सब यहां माता अंगारमोती के दर्शन करने के साथ ही यहां के मनोरम वादियों का आनंद लेने पहुंचे हैं। पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने गंगरेल बांध के अथाह जल को दूर से निहारा। सैलानी भूपेश साहू, ओंकार देवांगन, रूपाली तिवारी ने बताया कि बारिश होने के चलते वे अब तक दो बार गंगरेल बांध आ चुके हैं। यह तीसरी बार अपनी फैमिली लेकर आए हैं।
75 सौ क्यूसेक पानी प्रति सेकंड

 

उधर कैचमेंट एरिया में झमाझम बारिश होने से 32.150 टीएमसी गंगरेल बांध में वर्तमान में 75 सौ टीएमसी पानी की आवक हो रही है, जिससे वाटर लेवल 344.70 मीटर तक पहुंच गया है। वर्तमान में इस बांध में 20.152 टीएमसी पानी भर चुका है। इसी तरह 5.839 क्षमता वाले मुरूमसिल्ली बांध में 0.344 टीएमसी पानी उपलब्ध है। 10.192 टीएमसी क्षमता वाले दुधावा बांध में 6.996 टीएमसी तथा 6.995 टीएमसी क्षमता वाले सोंढूर बांध में करीब 4.432 टीएमसी पानी उपलब्ध है।

1 जून से लेकर अब तक धमतरी जिले में औसत कुल 399.4 मिमी बारिश हुई है, जिसमें सर्वाधिक धमतरी में 500.4 मिमी बारिश हुई है। वहीं सबसे कम बेलरगांव में 244.5 मिमी बारिश हुई है।  पिछले 10 सालों के औसत रिकार्ड को देखें तो इस साल 13 मिमी बारिश अधिक हुई है।

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