2. नक्सलियों के डिप्टी कमांडर ने किया सरेंडर, एसपी सहित 45 जवानों की हत्या में रहा शामिल

छत्तीसगढ़ के कांकेर में नक्सलियों के डिप्टी कमांडर सन्नू मंडावी ने मंगलवार को बीएसएफ और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले नक्सली पर तीन लाख रुपये का इनाम था। वह मदनवाड़ा में हुए एसपी हत्याकांड सहित 45 जवानों की शहादत में शामिल रहा था। सन्नू मंडावी परतापुर इलाके में सक्रिय था और अपने साथ इंसास व एसएलआर रायफल रखकर चलता था। सरेंडर के बाद सन्नू मंडावी ने बताया कि वह नक्सली संगठन में काफी परेशान हो गया था। इसके बाद उसे छोड़कर घर आ गया। वहां उसके साथी परेशान करने लगे तो तंग आकर सरेंडर कर दिया।
हिंसा और प्रताड़ना से तंग आकर छोड़ा नक्सल रास्ता
सन्नू मंडावी नक्सली संगठन के मिलिट्री प्लाटून नंबर 5 के सेक्शन ए का डिप्टी कमांडर था। उसने बताया कि 2005 में सलवा जुड़ूम के दौरान उसके घर में आग लगा दी गई थी। इसके चलते वह भागकर परिवार के साथ जंगल में चला गया। वहां उसके पास खाने-पीने के लिए कुछ नहीं था। ऐसे में नक्सली उसे ले गए और खाना दिया। इसके बाद उसे संगठन में भर्ती कर लिया और ट्रेनिंग दी गई। वह कई वारदातों में शामिल रहा। हालांकि जंगल में उसे फिर से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लगातार नक्सली उसका शोषण और अत्याचार करते। फिर हिंसा से तंग आकर उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।



