छत्तीसगढ़

9. बालिकाओं व महिलाओं को एनीमिया से मुक्त करने में कारगर साबित हुआ मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, कुपोषण में 48 फीसदी की गिरावट

रायपुर :  छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के साढ़े चार साल पूरे हो चुकें है। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में बीते चार साल के भीतर स्वास्थ्य और पोषण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया गया है। हाल में ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन में मिलेट्स के व्यंजन को शामिल करने को केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी दी गई है।

कुपोषण में 48 प्रतिशत की आई गिरावट

बच्चों में कुपोषण दूर करने और किशोरी बालिकाओं व महिलाओं को एनीमिया से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को अच्छी सफलता मिल रही है। इस अभियान के बाद बच्चों के कुपोषण में 48 प्रतिशत की गिरावट आई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में लगातार ध्यान दिया जा रहा है।

सरकार की नवाचारी योजनाओं मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक, दाई-दीदी क्लिनिक, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना, हमर लैब, मलेरिया मुक्त बस्तर और मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ योजना का संचालन किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है। छत्तीसगढ़ में लोगों को डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना में 5 लाख रूपए तक की इलाज की सुविधा दी जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना में 20 लाख रूपए तक की इलाज की सुविधा मिल रही है।

अब तक 2 लाख 65 हजार बच्चे हुए कुपोषण मुक्त

मुख्यमंत्री सुपोषण योजना शुरू होने के समय वजन त्यौहार के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में लगभग 4 लाख 33 हजार बच्चे कुपोषित थे। राज्य में अब तक 2 लाख 65 हजार से अधिक बच्चे कुपोषण मुक्त हो गए हैं। इस प्रकार कुपोषित बच्चों की संख्या में 48 प्रतिशत की कमी आई है। पिछले चार वर्षों के दौरान राज्य में कुपोषण की दर में 5.61 प्रतिशत की कमी आई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार राज्य में कुपोषण का प्रतिशत 31.3 है, जो कुपोषण के राष्ट्रीय औसत 32.1 प्रतिशत से कम है। अब तक डेढ़ लाख महिलाएं एनीमिया से मुक्त हो चुकी हैं। इस योजना के तहत एनीमिया प्रभावितों को आयरन, फोलिक एसिड, कृमि नाशक गोलियां दी जा रही हैं।

सरकार की योजना की नीति आयोग भी कर रहा है सराहना

नीति आयोग की ओर से आकांक्षी जिलों के रिपोर्ट में दिसम्बर 2022 के लिए जारी की गयी चैम्पियन ऑफ चेंज डेल्टा रैंकिंग में छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले का परफॉर्मेंस बेहतर रहा है। देश के 112 आकांक्षी जिलों में से ओवरऑल परफॉर्मेंस श्रेणी में शीर्ष पांच जिलों में छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिलों में शामिल नारायणपुर जिला चौथे स्थान पर है। वहीं स्वास्थ्य और पोषण श्रेणी में नारायणपुर जिले का स्थान तीसरा है।

महिला ने बताया मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के लिए बनाया गीत

हाल ही में बिलासपुर के बेलतरा विधानसभा में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से बात करते हुए राधिका धनवार ने बताया कि मेरे बच्चे को मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का लाभ मिला है, राधिका ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को जोड़कर एक सुंदर गीत बनाया है, जिसे गाकर उसने योजना की तारीफ़ और मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button