1. दांत चमकाने के चक्कर में न करें बच्चों की सेहत से खिलवाड़! इस बीमारी का खतरा

अगर आप बच्चों के दांत चमकाने के लिए ज्यादा टूथपेस्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी का शिकार हैं. ऐसा करने से न सिर्फ आप टूथपेस्ट को बर्बाद कर रहे हैं बल्कि ये आपके बच्चे की हेल्थ के लिए भी ठीक नहीं है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ज्यादा टूथपेस्ट का इस्तेमाल करने से बच्चों को फ्लोरोसिस की बीमारी हो सकती है. फ्लोरोसिस को बेहद खतरनाक बीमारी माना जाता है.
फ्लोरोसिस लंबे समय तक ज्यादा फ्लोराइड लेने के कारण होता है. इससे दांत और हड्डियां टेढ़ी हो जाती हैं. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, फ्लोरोसिस का जोखिम 8 साल या उससे कम उम्र के बच्चों को होता है. यह तब होता है जब स्थायी दांत विकसित हो रहे होते हैं. 8 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे, किशोर और वयस्कों को डेंटल फ्लोरोसिस का खतरा नहीं होता.
कैसे हो सकती है बीमारी
बच्चों को कम टूथपेस्ट की मात्रा देनी चाहिए. बता दें कि ब्रश करने के दौरान कई बच्चे टूथपेस्ट को निगल लेते हैं. यही वजह है कि बच्चों में फ्लोरोसिस की बीमारी का खतरा ज्यादा होता है. डेंटल एक्सपर्ट कहते हैं कि दांतों को सही तरीके से साफ करने के लिए टूथब्रश के ब्रिसल्स का सही होना जरूरी है.
कितना करें टूथपेस्ट का इस्तेमाल
अब आप ये सोच रहे होंगे कि आखिर टूथपेस्ट की कितनी मात्रा का इस्तेमाल करना चाहिए? आपको बता दें कि अगर आपको अपने दांतों को चमकाना है तो इसके लिए सिर्फ एक मटर के दाने जितनी मात्रा में ही टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें. इससे ज्यादा इस्तेमाल करने से टूथपेस्ट बर्बाद ही होगा. इससे ज्यादा और कम मात्रा नहीं होनी चाहिए.
ब्रश का रखें ध्यान
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि आपको अपने दांतों पर ज्यादा जोर से ब्रश करने की जरूरत नहीं है. इससे दांतों पर बुरा असर पड़ता है. आपके दांतों पर ब्रश का दबाव 70 ग्राम तक होना चाहिए यानी बेहद हल्के हाथों से ब्रश करने की जरूरत है.



