राष्ट्रीय

हसदेव बचाओ आंदोलन को बिलासपुर के पर्यावरण प्रेमियों का समर्थन

कोन्हेर गार्डन में अनिश्चितकालीन हसदेव बचाओ आंदोलन को पर्यावरण प्रेमियों का समर्थन मिल रहा है। अब आंदोलन को तेज करने की बात कही जा रही है। जितने पेड़ काटे जाएंगे, उतना ही आंदोलन उग्र होगा। इसके साथ-साथ धरना स्थल पर ज्यादा संख्या में लोग जुड़ने लगे हैं।

बिलासपुर। कोन्हेर गार्डन में अनिश्चितकालीन हसदेव बचाओ आंदोलन को पर्यावरण प्रेमियों का समर्थन मिल रहा है। अब आंदोलन को तेज करने की बात कही जा रही है। जितने पेड़ काटे जाएंगे, उतना ही आंदोलन उग्र होगा। इसके साथ-साथ धरना स्थल पर ज्यादा संख्या में लोग जुड़ने लगे हैं। बुजुर्ग से लेकर युवा वर्गों का समर्थन मिलने लगा है।

हसदेव क्षेत्र के लोग शहर पहुंचे। धरना स्थल में शामिल होकर आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही। हसदेव क्षेत्र से आए लोगों ने आम सभा में संकल्प लिया कि सभी नागरिक हसदेव के जंगलों, नदियों, हवा, पानी व पर्यावरण को बचाने के लिए तन मन धन से संघर्ष करेंगे। यह संकल्प भी लिया कि यह आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक राज्य सरकार हसदेव क्षेत्र के कोल ब्लाक संबंधित अपनी सभी अनुमति वापस नहीं ले लेती या केंद्र सरकार हसदेव में आंवटित कोल ब्लाक रद नहीं करती। सभा में पर्यावरण प्रेमियों ने भी हसदेव के जंगलों को बचाने के लिए अपना समर्थन दिया। प्रदेश की भलाई के लिए प्रदेश के पर्यावरण को बचाने के लिए सभी दलों ने हसदेव के कोल ब्लाक निरस्त करने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध का सर्वसम्मति से एकमत होकर विधानसभा में अशासकीय संकल्प पारित किया है।

सभा को संबोधित करते हुए अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने कहा कि हमें अपने आंदोलन के मुद्दों से भटकना नहीं है। कुछ गलत और भ्रामक खबरें आ रही हैं कि एनजीटी ने याचिका खारिज कर दी है और कोयला खनन शुरू होगा। यह सर्वथा गलत है। पर्यावरण को बचाने के लिए लोग एकजुट हो रहे हैं। आंदोलन का असर सरकार पर पड़ रहा है। समय आने के बाद आम जनता की जीत होगी। हसदेव जंगल को हर हाल में बचाना होगा। इसके लिए चाहे लंबी लड़ाई लड़ना पड़े। इस बीच संतकुमार नेताम, राकेश शर्मा, संजय सिंह राजपूत, रमेश दुआ, कपिल हरिरमानी, आलिंद तिवारी इत्यादि ने भी सभा को संबोधित किया।

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