छत्तीसगढ़

2. सैकड़ों चमगादड़ों की मौत: भीषण गर्मी या खतरनाक इंफेक्शन?

बालोद ।   स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया के भिलाई स्टील प्लांट के अंतर्गत आने वाले दल्लीराजहरा स्थित माइंस वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (MVTI) परिसर में पिछले एक हफ्ते से सैकड़ों चमगादड़ों की रहस्यमयी मौत से इलाके में दहशत का माहौल है. दशकों से इस संस्थान के पीछे स्थित पेड़ों के झुरमुट को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाने वाले ये चमगादड़ लगातार आसमान से गिरकर दम तोड़ रहे हैं.

मृत चमगादड़ों को परिसर के भीतर ही रसायनों का छिड़काव कर जलाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद पूरे इलाके में भारी दुर्गंध फैली हुई है.

हालांकि, चमगादड़ों की मौत के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और यह जांच का विषय है. शुरुआती तौर पर इसे भीषण गर्मी का असर माना जा रहा था, लेकिन विशेषज्ञों को अंदेशा है कि यह समस्या कहीं अधिक गंभीर हो सकती है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए बालोद के प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) अभिषेक अग्रवाल ने टीम के साथ मौके का बारीकी से निरीक्षण किया है और स्थानीय लोगों को इस इलाके से दूर रहने की सलाह दी है. डीएफओ ने बताया कि इस तरह की घटनाएं पास के कांकेर और कोरबा जिलों से भी सामने आई हैं.

मृत चमगादड़ों में जो लक्षण देखे गए हैं, वे किसी गंभीर संक्रमण की ओर इशारा करते हैं. उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि गर्मी पूरे क्षेत्र में एक समान है, लेकिन चमगादड़ों की मौत केवल इसी खास स्थान पर हो रही है, जो संक्रमण के संदेह को और मजबूत करता है.

वन विभाग ने मृत चमगादड़ों के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भोपाल स्थित संस्थान में भेज दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा.

चमगादड़ों में संक्रमण की आशंका ने अब इंसानों में भी इसके फैलने का खतरा बढ़ा दिया है, जिसके चलते प्रशासन बेहद सतर्क है.

इतिहास में पहली बार हुई इस तरह की घटना के बाद भिलाई स्टील प्लांट के जनरल मैनेजर ने भी मामले की आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं. फिलहाल प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और एहतियाती कदम उठाने में जुटा हुआ है.

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