छत्तीसगढ़

8. गर्मी में अर्थराइटिस का बढ़ना! डिहाइड्रेशन से जोड़ों के दर्द का कनेक्शन, कैसे रखें ख्याल

गर्मी बढ़ जाने की वजह से कई बीमारियां या हेल्थ प्रॉब्लम और ज्यादा परेशान करती हैं. इनमें से एक अर्थराइटिस भी है जिसमें जोड़ों में दर्द बना रहता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि गर्मी में अर्थराइटिस के बढ़ने का एक कारण डिहाइड्रेशन भी है. इसलिए इसे कंट्रोल में रखने के लिए ऐसी चीजों को खाना चाहिए जिनमें पानी ज्यादा हो और ये गाउट या अर्थराइटिस को बढ़ाए नहीं. इस हेल्थ प्रॉब्लम के कई टाइप है जिनमें सबसे कॉमन ओस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटॉयड अर्थराइटिस है. रूमेटाइड अर्थराइटिस के होने पर शरीर में ऑटोइम्यून की कंडीशन बन जाती है. इसके अलावा गाउट भी बहुत परेशान करता है.

यहां हम गर्मी में अर्थराइटिस के मरीजों को होने वाली समस्याओं पर बात करने जा रहे हैं. साथ ही एक्सपर्ट के जरिए आपको बताएंगे कि ऐसे मरीजों को किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए. अर्थराइटिस की समस्या है तो शरीर में हाइड्रेशन के लेवल को भी मेंटेन करना जरूरी है.

अर्थराइटिस और डिहाइड्रेशन का कनेक्शन

एम्स के डिपार्टमेंट ऑफ रूमेटोलॉजी की हेड डॉक्टर उमा कुमार कहती हैं कि गर्मी अगर ज्यादा हो तो इसका असर रूमेटिक कंडीशन्स पर भी पड़ता है. जोड़ों में दर्द, जकड़न और सूजन को रूमेटिक कंडीशन कहा जाता है. एक्सपर्ट कहती हैं कि ये दो तरह से प्रभावित करता है, एक तो जो उनकी बीमारी है वो फ्लेयर कर जाए.

एक्सपर्ट के मुताबिक ल्यूपस को ऑटोइम्यून डिजीज पुकारा जाता है. इसके होने पर हमारा इम्यून सिस्टम अपने ही हेल्दी सेल्स और अंगों पर हमला करने लगता है. इस कारण स्किन, ज्वाइंट्स, किडनी, लग्स और दिमाग में इंफ्लामेशन की समस्या होने लगती है.

किडनी की बिगड़ी हुई हेल्थ

जो पेन की दवाइया ले रहे हैं जिनका असर किडनी पर पड़ता है. इस बीच अगर पेशेंट गर्मियों के दौरान डिहाइड्रेशन को फेस करता है तो इससे किडनी का स्वास्थ्य और बिगड़ता है. अगर किसी को गाउट या अर्थराइटिस है तो उसकी भी ज्यादा गर्मी में कंडीशन खराब हो सकती है. इसलिए इन्हें हाइड्रेट रहना चाहिए.

ऐसे रखें ख्याल

हाइड्रेटेड रहें, अगर आपको कोई हार्ट की किडनी की प्रॉब्लम नहीं है और डॉक्टर ने आपको तय लिमिट में पानी पीने के लिए नहीं बोला है तो आप दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी पी सकते हैं.

तेज धूप में बाहर निकलने से बचें और अगर निकलना पड़ता है तो सनस्क्रीन लगाएं

छाता लेकर जाएं

अपने फेस को कवर कर लें.

कोशिश करें कि हमेशा ढीले कपड़े पहनने की कोशिश करें जो ब्रीदेबल हो.

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