छत्तीसगढ़

4. 108 एम्बुलेंस सेवा का विस्तार! CM सरकार का बड़ा लक्ष्य, 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी…

छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर प्रदेशभर के लिए रवाना किया। इसके साथ ही 108 एम्बुलेंस सेवा का विस्तार तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिससे नागरिकों को त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सकेगी।

15 मिनट शहर, 30 मिनट गांव का लक्ष्य

सरकार ने एम्बुलेंस सेवा को समयबद्ध बनाने के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय किया है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल संकट की घड़ी में हर नागरिक तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

पहली बार शुरू हुई नियोनेटल ALS एम्बुलेंस

इस पहल के तहत प्रदेश में पहली बार 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस की शुरुआत की गई है। यह सेवा नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है। इन एम्बुलेंसों के माध्यम से गंभीर स्थिति में नवजातों को सुरक्षित रूप से उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया जा सकेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण व उन्नयन से अब लोगों को छोटे इलाज के लिए दूर शहरों की ओर नहीं जाना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया ऐतिहासिक कदम

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इससे लाखों लोगों को त्वरित चिकित्सा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एम्बुलेंस

नई एम्बुलेंसों को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। नियोनेटल एम्बुलेंस में इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, सिरिंज पंप, नेब्युलाइज़र और ऑक्सीजन सपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही 24×7 ईएमटी, प्रशिक्षित तकनीशियन और विशेषज्ञ चिकित्सकों का ऑनलाइन मार्गदर्शन भी सुनिश्चित किया गया है।

‘चलते-फिरते आईसीयू’ की तरह काम करेंगी एम्बुलेंस

इन एम्बुलेंसों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ये चलते-फिरते ICU की तरह कार्य कर सकें। BLS और ALS एम्बुलेंस में बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी मॉनिटर और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं, जिससे मौके पर ही प्राथमिक और उन्नत उपचार दिया जा सके।

मजबूत होगा आपातकालीन स्वास्थ्य तंत्र

यह पहल प्रदेश के शहरी और दूरस्थ क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, त्वरित और प्रभावी बनाएगी। इससे नागरिकों के लिए एक मजबूत जीवनरक्षक तंत्र विकसित होगा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा और बढ़ेगा।

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