छत्तीसगढ़

5. पूर्व सीएम भूपेश बघेल की बीजेपी को खरी-खरी, नीतीश के इस्तीफे को बताया दबाव,धान सूखत पर सरकार को कहा जिम्मेदार

रायपुर :  पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने महाराष्ट्र और बिहार में हुए चुनाव, धान के सूखत और प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी को आड़े हाथों लिया. भूपेश बघेल ने महाराष्ट्र और बिहार के चुनाव परिणाम की तुलना करते हुए कहा कि कोई पार्टी टस से मस नहीं हो सकता. इधर-उधर करने की कोई गुंजाइश नहीं है ऐसे रिजल्ट आए हैं.

पहले से ही पता था कि सीएम बदलेगा

भूपेश बघेल ने कहा कि एमएलसी से इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री बदल जाएगा ये तो शुरू से ही बीजेपी की रणनीति थी कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री मानने से इनकार कर दिया था. बिहार चुनाव के पहले उस समय से यह बात स्पष्ट हो गई थी कि इन्हें मुख्यमंत्री नहीं रहने दिया जाएगा. लेकिन नीतीश कुमार जी पुराने खिलाड़ी हैं. दाव खेले और 10वीं बार मुख्यमंत्री का शपथ ले लिए. लेकिन अब फिर से मोदी और शाह की जब चाल चली तो नीतीश कुमार फिर से धराशायी हो गए.सीधी सी बात यह है कि तत्काल में नीतीश कुमार बोलेंगे नहीं.

जगदीप धनगड़ जी से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा लेकर बोले वो बीमार हैं. अब 6 महीने बाद उन्होंने बयान दिया कि मैं बीमार नहीं था, लेकिन पत्रकारों ने यह भी नहीं पूछा कि आप अगर बीमार नहीं थे तो इस्तीफा क्यों दिए. अब ऐसी पत्रकारिता बची कहां जो यह सवाल धनगड से पूछा जाए, तो ऐसा ही यहां का भी पता चलेगा. लेकिन यह बात तो सही है नीतीश कुमार जी के नेतृत्व के चुनाव में उनके नाम से वोट ले लिए. अब धक्का मार के निकाल दिए. जैसे शिंदे को बाहर किया गया था, शिंदे को तत्काल बाहर कर दिए इनको थोड़ा समय लगा- भूपेश बघेल, पूर्व सीएम छग

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उपराष्ट्रपति के इस्तीफा को लेकर कहा कि धनगड पश्चिम बंगाल से आए थे. आजकल इनका दबाव पता नहीं चलता. पुरी जी को इस्तीफा देना चाहिए वे तो कुछ नहीं बोल रहे हैं. जबकि सब कुछ एपस्टीन फाइल में आ गया है. उसके बाद भी पुरी साहब मंत्रिमंडल में टिके हुए हैं.

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान के सूखत को लेकर कहा कि मैंने वीडियो देखा कि धान संग्रहण केंद्र में जो कर्मचारी है. वह गरीब लोग हैं. अमीर लोग नौकरी तो करेंगे नहीं. अब सरकार यह बोल रही है कि जो भी सूखत आएगा वह समिति का होगा. उससे काटा जाएगा. यह नियम सरकार ने बनाया है. पारा 35 डिग्री से ऊपर चल रहा है. ऐसी स्थिति में धान में सूखत तो होगी. इससे बचने के लिए पानी डाल रहे हैं. इस चीज को कहीं से कोई जस्टिफाई नहीं कर सकता.

जहां कम पानी गिरा वहां ज्यादा धान खरीदी

भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार से सवाल तो यही है कि धान खरीदी होने के बाद भी डीओ क्यों नहीं काटा गया. डीओ को इसलिए नहीं काट रहे हैं कि धान रोटेशन होगा. ऐसे में सवाल यह उठना है कि सबसे कम बरसात कहां हुआ बेमेतरा जिला. पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा धान खरीदी कहां हुई बेमेतरा जिला दूसरे नंबर पर पहला महासमुंद. मतलब यह है कि चांपा, जांजगीर चांपा, बालोद, धमतरी यह सब पीछे हो गए. जहां सबसे कम पानी गिरा वह सबसे टॉप में है. यह विष्णु के सुशासन में सब संभव है.

कानून व्यवस्था पर भी उठाए सवाल,गृहमंत्री को कहा छोटा रिचार्ज

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं. पूर्व सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अपराध बढ़ रहा है. होली के दौरान हुई हत्या और अपराध को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छोटा रिचार्ज कवर्धा को नहीं संभाल पा रहे हैं. ऐसे में प्रदेश कहां से संभालेंगे.

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