छत्तीसगढ़

9. रायपुर के पहलाजानी हॉस्पिटल पर बच्चा बदलने का आरोप, FIR दर्ज:सुप्रीम कोर्ट ने दिए जांच के निर्देश; संचालक-डॉक्टरों से होगी पूछताछ

राजधानी रायपुर में बच्चा बदलने के मामले में पहलाजानी हॉस्पिटल और माता लक्ष्मी नर्सिंग होम प्रबंधन के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। साल 2023 में अस्पताल के डॉक्टरों पर बच्चा बदलने का आरोप लगा था। पीड़ित परिजनों की शिकायत के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अब SC के निर्देश पर FIR हुई है।

 

पीड़ित इंसाफ की उम्मीद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

 

जानकारी के अनुसार, परिजनों ने आरोप लगाया कि बिना जानकारी प्रेग्नेंट को ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया। प्रसव के बाद जुड़वा बच्चे हुए। जब बच्चा दिखाया तो वह अलग दिख रहे थे। इसके बाद पीड़ित परिवार ने बच्चों की अदला बदली का आरोप लगाया और इंसाफ के लिए हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

क्या है पूरा मामला?

दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के बचेली निवासी अशोक कुमार सिंह और उनकी पत्नी उषा सिंह वर्ष 2022 में संतान के लिए रायपुर के अनुपम नगर स्थित माता लक्ष्मी नर्सिंग होम पहुंचे थे। यहां संचालित पहलाजनी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सरोगेसी सेंटर में डॉक्टरों ने आईवीएफ प्रक्रिया के जरिए संतान होने का आश्वासन दिया।

अक्टूबर 2022 में पहली बार IVF प्रोसेस की गई, जिसमें उषा सिंह गर्भवती हुईं, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से दिसंबर 2022 में अबॉर्शन कराना पड़ा। इसके बाद अप्रैल 2023 में दोबारा IVF प्रक्रिया कराई गई। जांच में गर्भ में जुड़वा बच्चों की पुष्टि हुई।

 

बिना जानकारी ऑपरेशन रूम में ले जाने का आरोप

 

25 दिसंबर 2023 को बिना परिजनों को सूचना दिए बगैर उषा सिंह को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। डिलीवरी के बाद उषा सिंह ने परिजनों को बताया कि ऑपरेशन थिएटर में उन्होंने एक लड़का और एक लड़की को जन्म दिया है, लेकिन कुछ समय बाद जो नवजात सौंपे गए, वे अलग प्रतीत हुए।

परिजन ने आरोप लगाया कि बच्चों की अदला-बदली की गई है। इस पर प्रबंधन और इलाज कर रहे डॉ. नीरज पहलाजनी और डॉ. समीर पहलाजनी ने इसे गलतफहमी बताया। संदेह गहराने पर अशोक कुमार सिंह ने निजी एजेंसी से DNA जांच कराई। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

रायपुर SP को दिए जांच के निर्देश

सुनवाई के दौरान प्रस्तुत तथ्यों को गंभीर मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रायपुर एसपी को FIR करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि माता लक्ष्मी नर्सिंग होम, पहलाजनी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सरोगेसी सेंटर, उसके संचालकों, डिलीवरी कराने वाले डॉक्टरों और पैथोलॉजी लैब मेट्रोपोलिस की भूमिका की जांच की जाए। अब केस में एफआईआर हुई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button