छत्तीसगढ़

8. बारिश के मौसम में इन सब्‍जी और फलों से बना लें दूरी, नहीं तो पड़ सकते हैं बीमार

बारिश के मौसम में वातावरण में ज्‍यादा नमी और आर्द्रता के कारण खाना जल्‍दी खराब हो जाता है. इस मौसम में खाने के सामान में सबसे जल्‍दी बैक्‍टीरिया, वायरस और फंगस पनपता है. कुछ फल और सब्जियां तो ऐसे हैं जो इस मौसम में खाए जाएं तो फायदे के बजाय बीमारी दे सकते हैं. ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज दिल्‍ली में डिपार्टमेंट ऑफ माइक्रोबायोलॉजी में सीनियर रे‍जिडेंट डॉ. मनाली अग्रवाल कुछ फलों और सब्जियों के अलावा कुछ फूड्स को इस मौसम में अवॉइड करने की सलाह दे रही हैं.

भले ही हरी पत्तेदार सब्जियां शरीर के लिए बहुत पौष्टिक व हेल्‍दी होती हैं, यही वजह है कि ये सब्जियां रोजाना आहार में शामिल होनी चाहिए, लेकिन बारिश के मौसम में से सब्जियां बैक्‍टीरिया को पैदा करने में सबसे ज्‍यादा संवेदनशील होती हैं. पालक ऐसी ही सब्‍जी है जो फायदेमंद होने के बावजूद इस मौसम में नहीं खानी चाहिए.

मशरूम बहुत हेल्‍दी फूड है. इसमें मौजूद पोषण तत्‍व शरीर को ताकत देते हैं लेकिन नमी के चलते बारिश के मौसम में मशरूम में बैक्टीरिया और फंगल इन्‍फेक्‍शन होने का खतरा सबसे ज्‍यादा होता है. चूंकि यह मिट्टी के काफी करीब उगता है और बैक्‍टीरिया को पैदा होने का वातावरण देता है. लिहाजा कुछ महीने तक इसे खाना छोड़ देना चाहिए.

बारिश के मौसम में बाहर का जूस पीने से भी बचना चाहिए. आमतौर पर बाजारों में जूस निकालने के लिए पहले से फलों को काटकर या छीलकर रखा जाता है लेकिन बारिश के मौसम में नमी के चलते महज कुछ समय में ही इन फलों में बैक्‍टीरिया पनप जाता है. कई बार हाईजीन की कमी से भी वायरस फंगस आ जाती है. लिहाजा बीमारी से बचना है तो बाहर का जूस न पीएं, घर पर फल काटकर ताजा जूस निकालकर पी सकते हैं.

चूंकि अब हर मौसम में हर सब्‍जी उपलब्‍ध है तो बारिश के मौसम में भी हरी सब्जियां खूब आती हैं. इस मौसम में पालक, बथुआ, चौलाई सहित कई अन्‍य प्रकार की सब्जियां भी बाजार में मिलती हैं. हालांकि हरी पत्‍तेदार कोई भी सब्‍जी इस मौसम में जल्‍दी खराब होती है और बीमार कर सकती है.

पत्‍तागोभी की सिर्फ सब्‍जी ही नहीं बनती बल्कि यह मोमोज, चाउमीन, कॉल स्‍लो सेंडविच जैसे फास्‍ट फूड या जंक फूड्स में भी इस्‍तेमाल होती है और बड़े-बच्‍चे सभी खूब चाव से खाते हैं. कई फूड्स में यह कच्‍ची भी इस्‍तेमाल होती है लेकिन इस मौसम में इसे खाना बीमारी को दावत देना है. मॉनसून में इससे दूरी बना लेना जरूरी है.

स्‍ट्रीट फूड खाने वाले लोगों को इस मौसम में खासतौर पर सावधानी रखनी चाहिए. बरसात में सड़न के अलावा हाईजीन का भी मामला र‍हता है, लिहाजा स्‍ट्रीट फूड को अवॉइड कर दें. गोलगप्‍पे का पानी आदि भी संक्रमित या गंदा हो सकता है और बीमार कर सकता है.

कची और अधपकी सब्जियों के अलावा काफी देर पहले कटे फल भी इस मौसम में बैक्‍टीरिया का सुरक्षित स्‍थान होते हैं. 15 मिनट से ज्‍यादा देर तक कटे रखे हुए फल खाने से तौबा कर लें. कोशिश करें कि फल को तुरंत काटें और खा लें. उससे पहले फलों को पानी में डालकर अच्‍छे से धो लें.

सी फूड्स जैसे मछली, झींगा आदि इन्‍फेक्‍शन केसक्रिय वाहक हो सकते हैं. इन्‍हें बेहद साफ-सफाई से धुलने और पकाने के बाद भी इनमें बैक्‍टीरिया या वायरस बचे रहने की संभावना रहती है. स्‍वस्‍थ रहना चाहते हैं तो मानसून के दौरान चिकन और अन्य नॉन-वेज व्यंजनों से दूरी बना लें.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button