छत्तीसगढ़

6. बहुत नुकसानदेह हो सकती है कफ सिरप लेने की आदत, जानें इसके गंभीर साइड-इफेक्ट्स

हमारे देश में मामूली सर्दी-खांसी होने पर भी फौरन कफ सिरप लेने का चलन बढ़ता जा रहा है। इसके लिए किसी प्रिस्क्रिप्शन की जरुरत नहीं पड़ती, इसलिए उन्हें दवा दुकानों से खरीदना आसान होता है। खास तौर पर छोटे बच्चों को सिरप देना सबसे आसान तरीका माना जाता है। लेकिन इसका ज्यादा बच्चों ही नहीं, बड़ों के लिए भी बहुत नुकसानदेह हो सकता है। हाल में कई स्वास्थ्य संगठनों और रिसर्चर्स ने इसके खतरे को लेकर आगाह किया है।

नुकसानदेह है कफ सिरप

 

कफ सिरप एक आम दवाई है। कुछ लोग तो नींद नहीं आने पर भी इसे पी लेते हैं। लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल सेहत के लिए बहुत नुकसानदेह हो सकता है। दरअसल कई रिपोर्ट में पाया गया है कि अधिकांश कफ सिरप में डाइएथिलीन और एथिलीन ग्लाइकॉल की काफी ज्यादा मात्रा होती है। दवा कड़वी ना लगे, इसलिए कफ सिरप में ये मिलाया जाता है। यानी सिरप जितना मीठा होगा, उसमें इन दोनों केमिकल की मात्रा उतनी ही ज्यादा होगी। ये छोटे बच्चों के लिए बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है।

जानिए इसके साइड इफेक्ट्स

 

बिना डॉक्टर की सलाह के कफ सिरप के इस्तेमाल से शरीर को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। खास तौर पर अगर आपने ज्यादा डोज ले लिया, तो इसका असर फौरन दिखने लगेगा। आम तौर पर इसकी वजह से दिल की धड़कनें बढ़ना, चक्कर आना, बेहोशी महसूस होना, धुंधला दिखना, मितली, उल्टी, नींद आने में दिक्कत, सिर दर्द आदि शामिल हैं। बता दें कि जरूरत से ज़्यादा कफ सिरप आपके दिल और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर इनमें से कोई भी लक्षण लंबे समय तक रहे या गंभीर हो जाए, तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।

कैसे करें इस्तेमाल?

 

कफ सिरप खरीदते वक्त हमेशा ध्यान रखें कि ये उम्र, मेडिकल कंडिशन और उचित डोज से हिसाब से लेना चाहिए। सबसे अच्छा होगा कि इसे हमेशा डॉक्टर का सलाह पर ही खरीदें। कभी भी तय डोज से ज्यादा ना लें और अगर इसे लेने के बाद दो-तीन दिनों में सुधार ना दिखे, तो इसे लेना बंद करें और डॉक्टर से मिलें। साथ ही इसे लेने से रैशेज, खुजली, दिल की धड़कनें बढ़ना, घबराहट, चक्कर आदि लक्षण दिखें, तो फौरन इसका सेवन बंद करें और डॉक्टर से मिलें।

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