छत्तीसगढ़

6. मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद है यह आटा

मधुमेह के रोगी शुगर नियंत्रित करना चाहते हैं तो फाइबर से भरपूर चने के आटे की रोटी खाएं। चने की रोटी रक्‍त शर्करा को नियंत्रित करती है। दिनभर के भोजन में गेहूं की रोटी खाते हैं। इनमें कार्बोहाइड्रेट होता है रक्‍त शर्करा को बढ़ाता है।

गेहूं के आटा संग चोकर देगा लाभ

भरपूर प्रोटीन,फाइबर और जरूरी पोषक तत्व वाले अनाज को भोजन में शामिल करें जिससे स्‍वस्‍थ रहें। मधुमेह के ज्यादातर रोगी गेहूं का आटा खाते हैं, जिसमें चोकर को छान लेते हैं।

मैदा है जहर के समान

चोकर निकालने के बाद मैदा बचता है जो ज़हर की तरह असर करता है। यह रक्‍त शर्करा को बढ़ता है। मधुमेह के रोगियों के लिए मोटा अलाज ही लाभप्रद है।

ज्वार की रोटी

ज्वार के आटे की रोटी में डायट्री फाइबर के साथ मैग्नीशियम, प्रोटीन मौजूद होता है जो रक्‍त शर्करा को नियंत्रित करता है।

रागी की रोटी

फाइबर से भरपूर रागी की रोटी खाने से पेट भरा रहता है और आपका वजन भी नियंत्रित रहता है। मधुमेह के रोगियों के लिए इसका सेवन बेहद उपयोगी है।

कितनी रोटियां आवश्‍यक

वयस्क दो छोटी रोटी एक बार ले सकते हैं। जिन लोगों का रक्‍त शर्करा बढ़ा रहता है वो पूरे दिन में छह से सात रोटी का सेवन कर सकते हैं।

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