5. अनदेखा न करें, हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाकर लिवर की समस्या से बचें

अक्सर लोग टीका लगवाने से या तो कतराते हैं या उसे गंभीरता से नहीं लेते। जबकि सचाई तो यह है कि यदि वक्त पर टीका लगवा लिया जाए तो कई परेशानियों से बचा जा सकता है। डा. अजय जैन के अनुसार, हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाकर लिवर से जुड़ी कई बीमारियों से बचा जा सकता है। केवल दूषित भोजन या पानी के कारण ही लिवर को नुकसान नहीं पहुंचता, बल्कि जंगफूड, अनियमित जीवनशैली, व्यायाम की कमी, शराब आदि का नशा करने से भी लीवर संबंधित समस्या हो सकती है।
अतिरिक्त वसा का लिवर में जमा होना भी उसे उतना ही क्षति पहुंचाता है जितना कि अल्कोहल का सेवन। यदि वक्त रहते संभला नहीं जाए तो लिवर सोरासिस हो सकता है, जिसका उपचार लिवर ट्रांसप्लांट ही है। इसलिए खानपान के साथ व्यायाम पर भी ध्यान दें। बदलते मौसम में पेयजल और भोजन की शुद्धता का और भी ध्यान रखना चाहिए।
भोजन के बाद पेट दर्द को अनदेखा न करें
कई लोगों को भोजन करने के बाद पेट दर्द होता है और उन्हें दस्त के लिए जाना पड़ता है। इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह लिवर संबंधित समस्या हो सकती है। हमेशा यह लिवर संबंधित समस्या हो, यह भी जरूरी नहीं। हो सकता है कि वह आपकी आदत का हिस्सा हो। यह प्राकृतिक कृत्य है, बीमारी नहीं। इसलिए केवल इसी लक्षण के आधार पर चिकित्सकीय परामर्श के बिना लिवर स्वस्थ रखने की दवाई न लें। जरूरत से ज्यादा दर्द निवारक दवाई का सेवन भी लिवर से संबंधित समस्या बढ़ा देता है।
मन से न लें पीलिया की दवा
दूषित खानपान, नशे आदि का व्यसन पीलिया जैसी समस्या उत्पन्न करता है। यह वायरस से भी होता है। यदि पीलिया हो तो जांच कराकर सही उपचार लें। पीलिया के 99 प्रतिशत मरीज स्वस्थ हो जाते हैं। पीलिया होने पर मन से दवाई न लें अन्यथा लिवर और भी क्षतिग्रस्त हो सकता है।
भरपूर पानी पिएं, रेशेदार सब्जी खाएं
यदि पेट में दर्द रहता हो तो उसकी वजह कब्ज हो सकती है। कब्ज और होंठ सूखने की वजह शरीर में पानी की कमी होना है। पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं, भोजन में रेशेदार पदार्थ ज्यादा शामिल करें, पेय पदार्थों का सेवन ज्यादा करें। यदि पेट दर्द फिर भी रहे तो विशेषज्ञ से परामर्श लें।



